विदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजारों को लेकर बिकवाली का रुख जारी है। फरवरी में अब तक फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) 9,600 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। ये बिकवाली ऐसे समय पर हो रही है, जब एफपीआई को अन्य विकासशील बाजारों में भारत की अपेक्षा सस्ते वैल्यूएशन मिल रहे हैं।
डिपॉजिटरी की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 1-10 फरवरी, 2023 तक एफपीआई द्वारा 9,672 करोड़ रुपये की बिकवाली की गई है। इससे पहले जनवरी के महीने में एफपीआई की ओर से 28,852 करोड़ रुपये निकाले थे। वहीं, दिसंबर में 11,119 करोड़ रुपये और नवंबर में 36,238 करोड़ का निवेश किया था।
वहीं, मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर-मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि मुझे लगता है कि जब तक अडानी के मुदे पर जब तक स्पष्टता नहीं आ जाती है, ये बिकवाली जारी रह सकती है। साथ ही कहा कि भारतीय शेयर बाजार का अधिक मूल्यांकन के चलते एफपीआई अन्य विकासशील बाजारों जैसे जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान में निवेश कर रहे हैं।
अन्य बाजारों में एफपीआई का निवेश
फरवरी के महीने में विकासशील देशों के बाजारों में एफपीआई के निवेश का प्रवाह मिला जुला रहा है। भारत, थाइलैंड और फिलीपींस में बिकवाली देखी गई, जबकि दक्षिण कोरिया, ताइवान और इंडोनेशिया के बाजारों में निवेश किया गया है।



