डोंगरगढ़ (दावा): छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में शारदीय नवरात्रि पर्व के दौरान एक अनूठी और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिल रही है। राजनांदगांव जिले के कलेक्टर जितेन्द्र यादव पूरी सादगी और बिना किसी प्रशासनिक प्रोटोकॉल के नियमित रूप से मां बमलेश्वरी के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। वे आम श्रद्धालुओं की तरह नंगे पांव सीढ़ियों के रास्ते पहाड़ी पर स्थित माता के दर्शन कर रहे हैं और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

आम श्रद्धालुओं के बीच रहकर सुविधाओं की ले रहे पड़ताल
कलेक्टर जितेन्द्र यादव केवल दर्शन तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे लगातार पदयात्रियों और श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं का खुद जायजा ले रहे हैं। सीढ़ियों से आवागमन के दौरान वे भीड़ नियंत्रण, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। साथ ही, मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं ताकि भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सेवा की अनूठी मिसाल: भंडारे में खुद परोसा भोजन
कलेक्टर की इस सादगी और सेवाभाव की हर तरफ सराहना हो रही है। पदयात्रियों की सेवा के लिए आयोजित भंडारे में उन्होंने खुद अपने हाथों से श्रद्धालुओं को भोजन परोसा।
माँ बमलेश्वरी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल और मंत्री व वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र परिहार ने बताया कि कलेक्टर श्री यादव के प्रतिदिन इस प्रकार सीढ़ियों के रास्ते आने और व्यवस्थाओं की निगरानी करने से श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मिल पा रही हैं। उनका यह सेवाभाव प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता के बीच समर्पण की एक मिसाल बन गया है।




