राजनांदगांव (दावा)। गौरीनगर क्षेत्र में आस्था के प्रतीक गौवंश की नृशंस हत्या कर सिर काटने के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। चौकी चिखली पुलिस एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र के नागपुर से तथा गौमांस की खरीदी करने वाली दो महिला आरोपियों को गौरीनगर से गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेशी के उपरांत तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही इस संवेदनशील प्रकरण में सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपियों की कुल संख्या अब 14 हो गई है।
तालाब व अंडरब्रिज में मिले थे अवशेष, दर्ज हुई थी गंभीर धाराएं
विगत दिनों गौरीनगर शीतला तालाब और निर्माणाधीन अंडरब्रिज के पास गोवंश के कटे सिर मिलने से शहर में भारी तनाव और आक्रोश की स्थिति निर्मित हो गई थी। मामले में पुलिस ने धारा 299, 325, 238, 3(5) बीएनएस, 4, 6, 10 छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम व पशु कूू्ररता अधिनियम तथा 25 आम्र्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था।
घटना के बाद से तीन आरोपी फरार चल रहे थे, जिनकी तलाश में सायबर सेल व चिखली पुलिस की टीम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दबिश दे रही थी। 18 अक्टूबर को पुलिस ने मुख्य आरोपी एजाज अहमद उर्फ कसाई उर्फ वकील अंसारी (39 वर्ष, निवासी शिवनगर, यशोधरा नगर, नागपुर) को नागपुर से घेराबंदी कर दबोचा। वहीं गौमांस खरीदने के आरोप में खैरून निशा (60 वर्ष, निवासी मिश्रा गली, गौरीनगर) तथा नसीमा बेगम उर्फ रानी (57 वर्ष, निवासी मस्जिद गली, गौरीनगर) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में जुर्म स्वीकार करने के बाद तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।




