खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में बहुप्रतीक्षित रेल लाइन परियोजना को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने रेल लाइन के नाम पर लगातार हो रही घोषणाओं, स्वीकृति के दावों और भूमि पूजन की राजनीति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक खैरागढ़ की जनता रेल सुविधा के नाम पर केवल आश्वासन और घोषणाएं सुनती रहेगी, जबकि वर्षों से बड़े-बड़े दावे किए जाने के बावजूद धरातल पर निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है।
चुनावी मंचों तक सीमित रह गया रेल लाइन का मुद्दा
मनराखन देवांगन ने कहा कि खैरागढ़ की जनता लंबे समय से रेल सुविधा की उम्मीद लगाए बैठी है। चुनावी मंचों से लेकर राजनीतिक कार्यक्रमों तक इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाता रहा है। कभी भूमि पूजन तो कभी परियोजना की स्वीकृति के दावे कर जनता को उम्मीदें दिखाई जाती हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि खैरागढ़ आज भी रेल कनेक्टिविटी से वंचित है।
उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कवर्धा में केंद्रीय मंत्री को बुलाकर रेल लाइन का भूमि पूजन किया गया था। इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी परियोजना को स्वीकृति मिलने की बातें सामने आईं। अब नगर पालिका चुनाव के बाद आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर रेल लाइन की स्वीकृति को लेकर दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इन वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार ने परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए वास्तविक रूप से क्या कदम उठाए हैं?
‘नारियल फोड़ने से नहीं, धरातल पर काम से दिखता है विकास’
मनराखन देवांगन ने सरकार के सामने कुछ कड़े सवाल रखते हुए पूछा कि यदि सरकार वास्तव में इस परियोजना को लेकर गंभीर है, तो अब तक निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ?
परियोजना के लिए कितना बजट प्रावधान किया गया है?
आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियों की क्या स्थिति है?
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है और निर्माण कार्य शुरू करने की निश्चित समयसीमा क्या है?
उन्होंने दो टूक कहा कि विकास केवल मंचों से भाषण देने, नारियल फोड़ने और शिलान्यास करने से नहीं होता, बल्कि तब दिखता है जब योजनाएं जमीन पर उतरती हैं। सरकार को घोषणाओं से आगे बढ़कर परियोजना की समयबद्ध कार्ययोजना, बजट और वर्तमान प्रगति का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना चाहिए। खैरागढ़ की जनता अब केवल स्वीकृति की खबरें नहीं, बल्कि रेल लाइन का वास्तविक निर्माण देखना चाहती है।
महंगाई और बढ़े किराए पर भी बोला हमला
मनराखन देवांगन ने बढ़ती महंगाई और यात्री किराए में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई की मार झेल रहे आम नागरिकों, नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और छोटे व्यवसायियों पर परिवहन खर्च का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। आम परिवारों का मासिक बजट बिगड़ रहा है, लेकिन सरकार राहत देने के बजाय मुश्किलें बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि खैरागढ़ में रेल सुविधा के अभाव का सीधा असर व्यापार, शिक्षा, रोजगार और क्षेत्रीय विकास पर पड़ रहा है।
जनता को चाहिए काम की प्रगति का हिसाब
मनराखन देवांगन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खैरागढ़ की जनता को अब राजनीतिक आश्वासन, भूमि पूजन और स्वीकृति के दावों से संतुष्ट नहीं किया जा सकता। केंद्र और राज्य सरकार को यह बताना चाहिए कि वर्ष 2018 के भूमि पूजन से लेकर अब तक परियोजना में कितनी प्रगति हुई है और निर्माण कार्य शुरू करने की ठोस तारीख क्या है। उन्होंने कहा कि जनता को तारीख नहीं, बल्कि रेल सुविधा का वास्तविक लाभ चाहिए।




