वोटर लिस्ट से नाम गायब होने का डर किसी भी नागरिक के लिए बड़ा शॉक होता है, लेकिन इस बार इलेक्शन कमीशन ने बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है. अगर आपका नाम भी गलती से ASDD (अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृत या डुप्लीकेट) लिस्ट में डालकर काट दिया गया था, तो पैनिक करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा समेत 7 राज्यों के वोटर्स को एक बड़ा लाइफलाइन-चांस दिया है. अब बिना किसी परेशानी के आप अपना नाम फाइनल वोटर लिस्ट में वापस शामिल करवा सकते हैं. चुनाव आयोग ने अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वो तकनीक और बीएलओ (BLO) की मदद से सीधे आम जनता तक पहुंचें. व्हाट्सएप, ईमेल और टेक्स्ट मैसेज के जरिए एन्यूमरेशन फॉर्म भेजे जा रहे हैं, ताकि कोई भी एलिजिबल वोटर इस लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रह जाए. अपनी जगह पक्की करने का यह आखिरी और सबसे सुनहरा मौका है.
क्या है चुनाव आयोग का नया फैसला?
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि एन्यूमरेशन फॉर्म वापस न मिलने के कारण जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सके, उनकी बूथवार सूची दोबारा जारी होगी. यह लिस्ट मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों, निकाय कार्यालयों और CEO की वेबसाइट पर पढ़ने योग्य PDF प्रारूप में उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें नाम न जुड़ने का कारण भी लिखा होगा.
कैसे मिलेगा नाम जुड़वाने का दोबारा मौका?
मतदाताओं को अपने संबंधित ERO/AERO के पास सामान्य निवास के आधार पर एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने का अवसर दिया जाएगा. ECINET के ERO डैशबोर्ड पर आंशिक रूप से भरे फॉर्म दोबारा तैयार किए जाएंगे. इसके अलावा:
• संपर्क विवरण उपलब्ध होने पर WhatsApp, ईमेल और SMS के जरिए फॉर्म भेजे जाएंगे.
• नागरिक पुराने EPIC नंबर का इस्तेमाल कर ECINET ऐप या वेबसाइट से सीधे फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं.
• बीएलओ (BLO) राजनीतिक दलों के BLAs के साथ समन्वय करके घर-घर जाकर संपर्क करेंगे.
पता बदलने और न बदलने वालों के लिए नियम
• जिनका पता नहीं बदला: वे भरा हुआ और साइन किया एन्यूमरेशन फॉर्म Annexure-B में दिए गए बयान के साथ खुद या परिवार के माध्यम से जमा कर सकते हैं.
• राज्य के भीतर पता बदलने वाले: ऐसे लोगों को Form-8 भरने की जरूरत नहीं होगी. वे नए पते की जानकारी के साथ Annexure-C में दिया गया बयान और निवास प्रमाण जमा कर सकते हैं.
• पहले से Form-6 भरने वाले: जिन लोगों ने SIR के दौरान नए रजिस्ट्रेशन के लिए Form-6 पहले ही जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है.
सभी प्राप्त आवेदनों का निस्तारण रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के नियम 21(1) के तहत किया जाएगा और स्वीकृत मतदाताओं को उनका पुराना EPIC नंबर वापस आवंटित किया जाएगा.




