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हरेली पर्व कृषि और पशुधन के प्रति सम्मान का हैं प्रतीक – यतेंद्र जीत सिंह…

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खैरागढ़: छतीसगढ प्रदेश कांग्रेस असंगठित क्षेत्र खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिला अध्यक्ष व विधायक प्रतिनिधि यतेंद्रजीत सिंह “छोटू” ने कहा कि हरेली पर्व छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है,जो हरियाली, कृषि और पशुधन के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह पर्व किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह खरीफ फसल की बुवाई के बाद मनाया जाता है। हरेली के दिन, किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं, गांव के ठाकुर देव को नारियल चढ़ाते हैं, और गुड़ का चीला प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। यह त्यौहार छत्तीसगढ़ में खुशहाली और समृद्धि का संदेश लेकर आता है।
श्री सिंह ने आगे कहा कि हरेली पर्व प्रकृति और कृषि के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह त्यौहार हमें पर्यावरण को बचाने और कृषि को महत्व देने की सीख देता है। हरेली पर्व छत्तीसगढ़ में खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन, लोग अपने घरों और खेतों में अच्छी फसल और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। हरेली पर्व छत्तीसगढ़ की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह त्यौहार पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोककथाओं से जुड़ा हुआ है। हरेली के दिन, किसान अपने मवेशियों की भी पूजा करते हैं, उन्हें नहलाते-धुलाते हैं और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। हरेली पर्व में गेड़ी पर चलना एक लोकप्रिय गतिविधि है। बच्चे और युवा गेड़ी पर चढ़कर गांव में घूमते हैं और खुशी मनाते हैं। हरेली पर्व छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन में एक विशेष स्थान रखता है। यह त्यौहार न केवल प्रकृति और कृषि के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह खुशी, समृद्धि और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है।

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