भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए जुलाई का महीना ग्रहण बनकर आया है. निवेशकों ने 2025 के पहले 6 महीने में जितना कमाया था, सब एक महीने में ही गंवा दिया. यहां गिरावट का आलम ये रहा कि दुनिया के टॉप-10 बाजारों में भारतीय स्टॉक मार्केट सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला साबित हुआ. एक तरफ जहां चीन, अमेरिका सहित दुनिया के हर बड़े बाजार में तेजी दिखी, तो दूसरी तरफ भररतीय शेयर बाजार का पूंजीकरण तेजी से नीचे आया और शीर्ष 10 बाजारों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला स्टॉक मार्केट बन गया.
ब्लूमबर्ग के अनुसार, बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप जुलाई में तेजी से गिरा और 4 महीने की लगातार तेजी के बाद 5वें महीने बड़ा नुकसान झेलना पड़ा. बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 3.6 फीसदी गिरकर 5.2 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया, जो पहले 5.38 ट्रिलियन डॉलर था. इस तरह, कंपनियों के मार्केट कैप में 180 अरब डॉलर (करीब 16 लाख करोड़ रुपये) की गिरावट देखी गई है.
क्या है गिरावट की बड़ी वजह
एनालिस्ट का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई फैक्टर्स शामिल हैं. इसमें कंपनियों का तिमाही रिजल्ट खराब जाना, विदेशी निवेशकों की निकासी, निवेशकों का ज्यादातर पैसा आईपीओ और क्यूआईपी में लगने और भारतीय इक्विटी मार्केट को लेकर बने निगेटिव सेंटिमेंट की वजह से भी बाजार में गिरावट आई है. एनालिस्ट ने यह भी देखा कि निवेशकों ने आईटी और बैंकिंग जैसे सेक्टर में जमकर बिकवाली और मुनाफावसूली की है, जिसकी वजह से भी यह गिरावट आई.



