Home छत्तीसगढ़ मानसिक रूप से विक्षिप्त बालक की बंद कार में दम घुटने से...

मानसिक रूप से विक्षिप्त बालक की बंद कार में दम घुटने से मौत, गरीब परिवार होने के कारण नहीं हो सका ईलाज…

214
0

खैरागढ़ टीआई अनील शर्मा और उसकी टीम ने मानवीय संवेदना के साथ उस बालक की हरसंभव मदद करने की कोशिश की

 छोटू उर्फ टूक टूक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और घर में नहीं रहता था, दिनभर इधर उधर घुमते रहता था

 छोटू के मां बाप दोनों नहीं थे,वे अपने नाना नानी के पास रहता था, कुछ दिन पहले ही नाना का निधन हो गया,

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार छोटू घुमाते घामते वह शनिवार की रात कार में घुसा और रविवार की रात उसकी लाश कार से निकाला गया,

इलाज के प्रयास असफल रहे, गरीबी के कारण नहीं हो पाई इलाज

(यतेंद्र जीत सिंह छोटू) खैरागढ़ : मानसिक रूप से विक्षिप्त शहर के एक बालक की बंद कार में दम घुटने से मौत हो गई।  बालक मानसिक रोगी था और दिनभर घुमता फिरता रहता था, अपने घर पर नहीं रहता था।। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बालक घुमते घुमाते वो शाम को य रात को अंधेरे में पालिटैकनिक कालेज के सामने पुराना टिकरापारा में किसी परिवारीक काम से अपने ग्रेनविटारा कार से राजनांदगांव से खैरागढ़ अपने रिस्तेदार के यहां आऐ हुए थे और कार को घर के सामने खडे किए हुए थे और लाक करना भूल गए, जिसमें वो बालक कार खोलकर घुस गया ।  जिससे उसकी दम घुटने से मौत हो गई।।कार मालिक रविवार की रात किसी काम से जब अपने कार का दरवाजा खोला और उसने एक अज्ञात बालक की लाश देखी तो हतप्रभ रह गए।। बालक की पहचान वार्ड क्रमांक 05 ठाकुर पारा निवासी छोटू उर्फ टूक टूक के रूप में की गई,उसकी उम्र 14 वर्ष थी।। बालक के माता-पिता की बहुत पहले निधन हो गई और वह अपने नाना नानी के पास रहता था।। बालक के नाना का नाम लल्लू विश्वकर्मा था।। जो लोहार का काम करता था और वह पूरे खैरागढ़ शहर में लल्लू लोहार के नाम से प्रसिद्ध थे।। नानी रोजी मजदूरी कर अपना परिवार चलाती थी, कुछ दिन पहले ही बालक छोटू के नाना लल्लू विश्वकर्मा का भी निधन हो गया।।घर वाले उसकी मानसिक स्थिति खराब होने के कारण उसे घर पर बंद करके रखते थे, लेकिन छोटू को जब कुछ कारणों से खुला छोड़ते तो वो घर से भाग जाता था और सड़क पर घुमता फिरता रहता था,वह किसी से कुछ भी बोलता चालता नहीं था, सिर्फ हसता रहता था,न ही किसी को परेशान करता था।। कार में मृत पाए गए बालक की सूचना पुलिस को दी गई।। सूचना मिलते ही टी आई अनिल शर्मा अपने टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे ।। शव को तत्काल सिविल अस्पताल भेजा गया।। जहां सोमवार को बालक छोटू का पोस्टमार्टम किया गया और शव को परिवारजनों को सौंपा गया। जहां धरमपुरा स्थिति मुक्तिधाम में परिवारजनों के व्दारा उसका दोपहर को अंतिम संस्कार किया गया । *मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक छोटू के इलाज के लिए हुए थे कई प्रयास* शहर के थाने में पदस्थ थाना प्रभारी अनिल शर्मा और उनकी टीम के व्दारा मानसिक रोगी छोटू के इलाज के लिए प्रयास किए गए थे और बालक को खैरागढ़ से बिलासपुर ले जाया गया था। लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से उसका दाखिला नहीं हो पाया । उसके बावजूद पुलिस टीम ने ‌मानवीय संवेदना के साथ उस बालक की हरसंभव मदद की कोशिश की।उठते सवाल सिस्टम पर* मानसिक रूप से विक्षिप्त रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के लिए छोटे शहरों में कोई अस्थाई और प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं है। इस घटनाक्रम से फिर एक बार यह सवाल खड़े कर दिए हैं ।  अगर समय रहते इस मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक का ईलाज और संरक्षण मिला पाता तो यह दुखद हादसा टल सकता था। संगीत नगरी में इस प्रकार से मानसिक रूप से अस्वस्थ कई लोगों को घुमाते हुए नजर आते हैं।। जिसका इस दिन दुनिया में कोई माई-बाप नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here