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सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह ने सीएम के सामने रखा खैरागढ़ विकास खाका…

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सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह ने टिकरापारा-शिव मंदिर पुल, पर्यटन स्थलों के पुनर्निर्माण, तीर्थाटन कॉरिडोर और मुढ़ीपार महाविद्यालय सहित कई प्रस्ताव सौंपे,

(यतेंद्र जीत सिंह “छोटू”) खैरागढ़ : खैरागढ़-छुईखदान-गंडई क्षेत्र के बहुआयामी विकास के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाक़ात कर सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह ने विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सांसद संतोष पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्हन ताम्रकार, भाजपा नेता खम्हन ताम्रकार एवं विक्रांत चंद्राकर भी मौजूद रहे।

ज्ञापनों में क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल किए गए, जिनमें सबसे प्रमुख टिकरापारा में मोतीनाला पुल और शिव मंदिर रोड पर पुल निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने की मांग रही।। भागवत शरण सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में इन स्थानों पर जलभराव और तेज़ बहाव के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है, जिससे स्कूल-कॉलेज के छात्र, मरीज़ और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं।

इसके साथ ही, रूसे जलाशय और वन ग्राम मलैदा के रियासतकालीन विश्राम गृहों के पुनर्निर्माण का भी प्रस्ताव दिया गया। भगवत शरण सिंह ने कहा कि ये स्थल कभी शाही ठहराव और ग्रामीण-जनजातीय संस्कृति के केंद्र थे, जो अब जर्जर या नष्ट हो चुके हैं। इनके पुनर्निर्माण से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण होगा।

श्री रूख्खड़ स्वामी मंदिर एवं परिसर के सर्वांगीण विकास का भी विशेष प्रस्ताव ज्ञापन में शामिल रहा। इसमें लक्ष्मण झूला शैली का पैदल पुल, संस्कृत विद्यालय/महाविद्यालय, ध्यान-साधना केंद्र और स्वामी जी के जीवन एवं शिक्षाओं पर आधारित सूचना केंद्र/संग्रहालय की स्थापना का सुझाव दिया गया।

खैरागढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में भारतीय कला व संगीत को शामिल करने की मांग भी रखी गई। भागवत शरण सिंह ने कहा कि इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता का उपयोग कर विद्यालय स्तर से ही कला-संगीत शिक्षा शुरू की जाए, ताकि छत्तीसगढ़ की लोक एवं शास्त्रीय कला को नया जीवन मिले।

ज्ञापनों में सबसे व्यापक योजना के रूप में “तीर्थाटन कॉरिडोर” विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें गोपालपुर से भोरमदेव तक के 50 से अधिक धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों को एक साथ जोड़ा जाएगा। इससे क्षेत्र की धार्मिक पहचान, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

इसके अतिरिक्त, मुढ़ीपार में महाविद्यालय खोलने की भी मांग ज्ञापन में शामिल रही।मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के दौरान सभी प्रस्तावों को क्षेत्र के विकास, पर्यटन, सांस्कृतिक संरक्षण और आधारभूत संरचना सुधार के दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने ज्ञापनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देने का आश्वासन दिया।

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