अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में पिछले दिनों हुए रूह कंपा देने वाले रेप और मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अपनी प्रेमिका के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करने वाला फरार आरोपी पांडा उर्फ मिथुन आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस ने उस पर 35,000 रुपए का ईनाम घोषित किया था।
कोरिया जिले से हुई गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जिले से फरार हो गया था। अंबिकापुर पुलिस लगातार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी। आखिरकार उसे पड़ोसी जिले कोरिया में घेराबंदी कर पकड़ा गया। अंबिकापुर पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी को वापस लाने के लिए कोरिया रवाना हो गई है।
क्या था पूरा मामला?
बीते 3 अप्रैल को शहर के हृदय स्थल महामाया मंदिर द्वार के पास एक महिला का लहूलुहान शव बरामद हुआ था। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी और महिला रात करीब 1 बजे एक साथ जाते दिखे थे। घटना के बाद से ही शहर में भारी आक्रोश था और 7 अप्रैल को कांग्रेस सहित आम जनता ने कैंडल मार्च निकालकर आरोपी को जल्द पकड़ने की मांग की थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने झकझोर दिया
इस मामले में पुलिस को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सभी को हैरान कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक:
महिला के सीने पर चढ़कर उसे इस कदर कुचला गया था कि उसकी 12 पसलियां टूट गई थीं, जिससे फेफड़े और दिल फट गए।
सिर की 3 हड्डियां टूटी हुई पाई गईं और गले को भी रेता गया था।
पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में प्लास्टिक की बोतल डाली गई थी, जो आरोपी की हैवानियत को बयां करती है।
संस्था ने कराया अंतिम संस्कार
मृतिका का बेटा अकेला था, जिस कारण पुलिस ने अनोखी सोच संस्था को जानकारी दी. इसके बाद महिला का अंतिम संस्कार में संस्था के सदस्यों ने शनिवार को गंगापुर मुक्तिधाम में कराया.
सीसीटीवी और ड्रोन से हुई तलाश
पुलिस ने आरोपी की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी खंगाले थे, जिसमें आरोपी का चेहरा साफ नजर आया था। आरोपी की तलाश में पुलिस ने ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा किया जाएगा और उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।



