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छत्तीसगढ़ में अब किश्तों में मिलेगी खाद: जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार का बड़ा फैसला…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए यह पहला अवसर होगा, जब किसानों को खाद भी किस्तों में दी जाएगी। खास बात ये है कि सबसे कम खेत वाले छोटे किसानों को पूरी खाद मिलेगी, लेकिन ढाई एकड़ और पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को दो से तीन किस्तों में 20-20 दिनों के बाद खाद लेने का मौका मिलेगा। हालांकि अभी भी रायपुर जिले की कई सोसाइटियों में डीएपी खाद नहीं है, वहां यूरिया और पोटाश ही उपलब्ध है।

छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन-2026 के दौरान किसानों को रासायनिक उर्वरकों का वितरण अब चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। राज्य सरकार के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने सहकारी क्षेत्र में उर्वरक वितरण के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार का तर्क है कि इससे उर्वरकों का संतुलित उपयोग बढ़ेगा, कालाबाजारी और अनावश्यक भंडारण पर रोक लगेगी तथा पूरे सीजन में किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

पिछले साल से कम खाद मिलेगी
राज्य सरकार के आदेश के अनुसार खरीफ 2025 में किसानों को जितनी यूरिया और डीएपी खाद वितरित की गई थी, खरीफ 2026 में शुरुआत में उसकी केवल 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी मात्रा ही दी जाएगी। शेष खाद बाद के चरणों में उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) और सतत कृषि विकास की अवधारणा के अनुरूप है।

डीएपी की कमी होने पर नैनो डीएपी का विकल्प
सरकार ने निर्देश में कहा है कि डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक डीएपी उपलब्ध होने पर दी जाएगी। यदि इसकी आपूर्ति बाधित होती है तो किसानों को वैकल्पिक रूप से नैनो डीएपी उपलब्ध कराया जा सकेगा। हालांकि आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और यह पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था होगी। इसी तरह यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा भी पारंपरिक यूरिया उपलब्ध होने पर वितरित की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर नैनो यूरिया का विकल्प दिया जा सकेगा।

छोटे किसानों को पूरी खाद, बड़े किसानों के लिए किस्तों में

नई व्यवस्था में सीमांत किसानों को राहत दी गई है। जिन किसानों के पास 25 एकड़ तक भूमि है, उन्हें निर्धारित खाद एकमुश्त उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं 25 से 5 एकड़ तक भूमि रखने वाले लघु किसानों को यूरिया दो किस्तों में मिलेगा। दूसरी किस्त पहली किस्त मिलने के 20 दिन बाद दी जाएगी। पांच एकड़ से अधिक भूमि रखने वाले बड़े किसानों को यूरिया तीन किस्तों में उपलब्ध कराया जाएगा। दूसरी किस्त पहली किस्त के 20 दिन बाद और तीसरी किस्त दूसरी किस्त के 20 दिन बाद दी जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना बताया गया है कि किसान एक साथ अधिक मात्रा में खाद न लें और आवश्यकता के अनुसार ही उसका उपयोग करें।

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