असम राइफल्स और थोउबल पुलिस के कमांडो ने मणिपुर के काकचिंग जिले के पूर्णाहेतुपोकपी इलाके में एक सफल संयुक्त अभियान चलाया. इस दौरान युद्ध में इस्तेमाल होने वाले सामान और सैन्य उपकरणों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ. इस अभियान ने इलाके में सक्रिय उग्रवादी गुटों को बड़ा झटका दिया और शांति व सुरक्षा बनाए रखने के प्रति सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता को भी दिखाया. बरामद सामान में एक .32 पिस्तौल (अमेरिका निर्मित ) और चार राउंड गोलियां, दो एसबीबीएल बंदूकें, दो डेटोनेटर, गोला-बारूद, 17 एके राउंड, 18 एसएलआर राउंड, 29 राउंड .303 गोला-बारूद और तीन इसांस के साथ ही एक स्ट्राइकर स्प्रिंग, दो टियर स्मोक शेल, 12 केसीपी लोगो स्टिकर और एक बाइपॉड शामिल थे.
अभियान के दौरान बरामद सुरक्षा उपकरणों में 12 बुलेटप्रूफ प्लेट, दो बुलेटप्रूफ फाइबर प्लेट, दो हेलमेट, एक बुलेटप्रूफ जैकेट, 60 कॉम्बैट शर्ट, 57 कॉम्बैट पैंट, दो कॉम्बैट जैकेट, 18 कॉम्बैट कैप, आठ जोड़ी कॉम्बैट जूते, 23 कॉम्बैट बेल्ट और एक एमपी-5 स्लिंग शामिल थे. बरामद हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामान को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए हेइरोक पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है.
इसके पहले 21 मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने 67 हथियार बरामद किए थे. मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने लमडेंग स्थित एक अवैध यूएनएलएफ कैंप में तलाशी अभियान चलाया. वहां से 29 हथियार बरामद किए गए, जिनमें एके-सीरीज राइफल, एम-सीरीज राइफल, पिस्तौल और अन्य आधुनिक हथियार शामिल थे.



