कल बसंतपुर क्लब चौक से होगा शुभारंभ, शहर के प्रमुख मार्गों से निकलेगी पालकी,
डॉ. रमन सिंह करेंगे बाबा महाकाल की अगवानी
राजनांदगांव (दावा)। सावन मास के पावन अवसर पर संस्कारधानी राजनांदगांव एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगने जा रही है। सावन के प्रथम प्रदोष एवं दूसरे सोमवार, 10 अगस्त 2026 को श्री महाकाल सेना के तत्वावधान में बाबा चंद्रमौलेश्वर महाकाल की भव्य पालकी यात्रा का आयोजन किया जाएगा। पालकी यात्रा को लेकर शिवभक्तों और नगरवासियों में विशेष उत्साह का वातावरण है। आयोजकों द्वारा यात्रा को भव्य एवं व्यवस्थित स्वरूप देने की तैयारियां की जा रही हैं।
बाबा महाकाल की यह पालकी यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, शिवभक्ति, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सद्भाव और एकता का संदेश देने वाली यात्रा होगी। पालकी में बाबा चंद्रमौलेश्वर महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिकता का अनुभव होगा। ढोल-नगाड़ों, जयघोष और भक्तिमय वातावरण के बीच नगर भ्रमण करने वाली इस पालकी यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अनेक गणमान्य होंगे शामिल
पालकी यात्रा में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा, विधायक प्रतिनिधि संतोष अग्रवाल, भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, मंडल अध्यक्ष प्रशांत गुप्ता, समाजसेवी पवन डागा, राकेश यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। इसके अलावा पार्षद शेखर साहू, भरत साहू, चिंटू बग्गा, आवतराम तेजवानी, राजा माखीजा, संजय तेजवानी, अनिल तेजवानी, विनोद लूल्ला सहित सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोग पालकी यात्रा में सहभागिता करते हुए बाबा महाकाल की अगवानी करेंगे। जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की सहभागिता से आयोजन को और भव्यता मिलने की उम्मीद है।
बसंतपुर क्लब चौक से शुरू होकर लालबाग में होगा समापन
श्री महाकाल सेना द्वारा जारी यात्रा की रूपरेखा के अनुसार बाबा महाकाल की पालकी यात्रा बसंतपुर क्लब चौक से प्रारंभ होगी। इसके बाद पालकी महमाया चौक, गांधी नगर, महेश नगर, ग्रीन हाइट्स, खोमचा ग्रुप, कमला कॉलेज चौक, फुर्सत के पल, प्रभात नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर होते हुए हेमू कल्याणी चौक, लालबागेश्वर धाम लालबाग पहुंचेगी। नगर के विभिन्न मार्गों पर श्रद्धालु बाबा महाकाल की पालकी का दर्शन एवं स्वागत करेंगे। जगह-जगह पुष्पवर्षा, पूजन एवं स्वागत की तैयारियां भी की जा रही हैं। यात्रा के दौरान हर-हर महादेव और जय चंद्रमौलेश्वर महाकाल के जयघोष से पूरा शहर शिवमय होने की संभावना है।
ढोल-नगाड़ों और राष्ट्रभक्ति के साथ निकलेगी पालकी
पालकी यात्रा में ढोल-नगाड़े, भक्ति संगीत और शिवभक्ति के जयघोष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजन में राष्ट्रभक्ति को भी विशेष स्थान दिया गया है। बड़ी संख्या में राष्ट्रीय ध्वजों के साथ श्रद्धालु यात्रा में शामिल होकर धर्म और राष्ट्र के प्रति सम्मान का संदेश देंगे।
सावन में महाकाल की भक्ति का विशेष महत्व
सावन मास भगवान शिव की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार और प्रदोष के अवसर पर शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। ऐसे पावन अवसर पर बाबा चंद्रमौलेश्वर महाकाल की पालकी का नगर भ्रमण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर होगा। श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा महाकाल के दर्शन एवं पूजन से मन को शांति मिलती है तथा भगवान शिव की कृपा से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसी आस्था के चलते पालकी यात्रा में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में शिवभक्त उत्साहपूर्वक शामिल होते हैं।
श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील
श्री महाकाल सेना ने नगर के समस्त शिवभक्तों, धर्मप्रेमी नागरिकों एवं युवाओं से अपील की है कि वे 10 अगस्त सोमवार को परिवार सहित पालकी यात्रा में शामिल हों। आयोजकों ने कहा कि बाबा महाकाल की पालकी यात्रा संस्कारधानी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने वाला आयोजन है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने, मार्ग में व्यवस्था बनाए रखने तथा पालकी यात्रा को शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न कराने में सहयोग करने का आग्रह किया है। बाबा चंद्रमौलेश्वर महाकाल की भव्य पालकी यात्रा को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। 10 अगस्त को बसंतपुर क्लब चौक से निकलने वाली यह यात्रा जब शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, तब संस्कारधानी हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठेगी।



