विभिन्न राज्यों के व्यंजनों की प्रसादी बनी मुख्य आकर्षण, चौथी पीढ़ी ने संभाली सेवा की कमान
राजनांदगांव। शहर के कामठी लाइन स्थित लघु मंडल गणेशोत्सव समिति द्वारा 77 वर्षों से चली आ रही गणेशोत्सव की समृद्ध परंपरा का इस वर्ष भी पूर्ण श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ निर्वहन किया गया। आयोजन की सफलता के उपरांत मंडल ने सभी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोगियों, कार्यकर्ताओं, कारीगरों, समाजजनों और श्रद्धालुओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।
इस वर्ष के आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें मंडल से जुड़े परिवारों की चौथी पीढ़ी ने भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों, नवयुवकों, महिलाओं एवं पुरुषों ने प्रसाद निर्माण, वितरण और व्यवस्था में कंधे से कंधा मिलाकर अपना योगदान दिया।
विभिन्न राज्यों के व्यंजनों का श्रद्धालुओं ने लिया आनंद गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन रात्रि में श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस बार भंडारे को खास बनाते हुए देश के अलग-अलग राज्यों के प्रसिद्ध व्यंजनों को प्रसाद के रूप में शामिल किया गया। श्रद्धालुओं को गुजरात का प्रसिद्ध फाफड़ा-जलेबी, पंजाब की तंदूरी रोटी व सेव-भाजी, महाराष्ट्र का वड़ा पाव व पाव भाजी, चाइनीज फ्राइड राइस व मंचूरियन तथा राजस्थान का देशी घी से निर्मित हलवा परोसा गया। इन व्यंजनों को तैयार करने के लिए बाहर से विशेष कारीगर भी बुलवाए गए थे, जिन्होंने मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अपनी सेवाएं दीं।
सामाजिक एकता और परंपरा का प्रतीक लघु मंडल कामठी लाइन की ओर से कहा गया कि यह गणेशोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह पीढ़ियों को आपस में जोड़ने, सेवा की भावना को संजोने और सामाजिक एकता को मजबूती प्रदान करने का माध्यम है। सभी आयु वर्गों और समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता ने इस वर्ष के उत्सव को अविस्मरणीय और भव्य बना दिया।



