राजनांदगांव(दावा)। जशपुर पत्थलगांव में गांजे से भरी गाड़ी ने तेज रफ्तार से दुर्गा विसर्जन के लिए जा रहे भक्तों को कुचले जाने पर भाजपा जिला अध्यक्ष ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि जिस प्रकार से छत्तीसगढ़ में आए दिन अपराधिक मामले बढ़ रहे, यह शासन प्रशासन के मिली भगत बिना संभव नहीं है. लगातार समाचार पत्रों के माध्यम से पूरे प्रदेश में होने वाली गांजा शराब की तस्करी का खुलासा किया गया. किन किन मार्गो से तस्कर परिवहन करते हैं, यहां तक बताया गया, किंतु यह संविदा सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंगी. उल्टे इनकी ही सरकार की महिला मंत्री महिलाओं को भी शराब सेवन करने का मंत्र दे बैठी.
उन्होंने कहा कि जशपुर का पत्थलगांव हो या राजनांदगांव का डोंगरगढ, सभी जगह सरकारी संरक्षण से अवैध शराब व गांजा का धंधा चरम पर है. सीमावर्ती इलाकों में लगाए गए चेक प्वाइंट शो-पीस बन कर रह गए है. पूरी सरकार अपराधिक और अवैध गतिविधि में संलिप्त है. श्री यादव ने लखीमपुर से तुलना करते हुए भूपेश बघेल पर कटाक्ष किया कि दूसरे प्रदेश की घटना में घडिय़ाली आंसू बहाने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री राज्य छोडक़र इसी प्रकार की घटना के चलते लखीमपुर जाने के लिए बेताब मुख्यमंत्री जशपुर जाने के बजाए दिल्ली रवाना हो गए.
मधुसूदन ने आगे कहा कि उम्मीद है कि वे नेवता देने गए हैं कि राहुल और प्रियंका गांधी आएं और अपना पत्थलगांव का पिकनिक पूरा करें. जिस राज्य में कांग्रेस की सरकार है, वहां की किसी भी घटना पर इनके आलाकमान मौन साध लेते हैं. शराबबंदी का झूठा वादा कर सत्ता में आई सरकार अब शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए टारगेट देने जैसा फरमान जारी कर रही है. आए दिन अपहरण, चाकूबाजी, धार्मिक भावनाएं भडक़ाने का काम किया जा रहा है, पर प्रदेश के गृह मंत्री का बयान भी नहीं आना चिंता का विषय है. पुलिस महकमा सरकार के जनसंपर्क विभाग की तरह बयानवीर बन गई है. अधिकारी-कर्मचारी भी सहमे हुए हैं कि सत्ता के नशे में चूर, न जाने कब कौन नेता आए और हाथ साफ कर चला जाए. कांग्रेस को यह भी बताना होगा कि श्रीमती प्रियंका वाड्रा, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, राहुल गांधी कब तक जशपुर आयेंगे?



