राजनांदगांव (दावा)। दुर्गा उत्सव के दौरान पंडालों में स्थापित मां दुर्गा, मां काली एवं मां सरस्वती की प्रतिमा स्थलों पर पूजा-आरती व अन्य आयोजनों के दौरान स्वच्छता बनाए रखने तथा विसर्जन में पॉली पॉपर (प्लास्टिक पार्टी पॉपर) का उपयोग न करने की अपील नगर पालिक निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम ने दुर्गा उत्सव समितियों से की है। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करते हुए प्रतिमाओं का विसर्जन मोहारा स्थित निर्धारित विसर्जन कुंड में ही करने का आग्रह किया है। आयुक्त श्री मरकाम ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में स्वच्छता सर्वोपरि है। सुप्रीम कोर्ट एवं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा पर्यावरण संरक्षण व स्वच्छता के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्राय: देखा गया है कि आयोजनों व विसर्जन के दौरान समितियों द्वारा पॉली पॉपर उड़ाया जाता है। जिससे अत्यधिक गंदगी फैलती है। इसमें प्रयुक्त होने वाला प्लास्टिक जमीन पर चिपक जाता है और 50 वर्षों तक नष्ट नहीं होता, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने समितियों को पॉली पॉपर के स्थान पर गुलाब या गेंदा फूल की पंखुडिय़ों का उपयोग करने का सुझाव दिया। साथ ही संस्कारधानी के प्रबुद्ध व वरिष्ठ नागरिकों से आग्रह किया कि वे युवाओं को परंपरा के अनुरूप स्वच्छता बनाए रखते हुए उत्सव मनाने के लिए प्रेरित करें।
प्रसाद वितरण स्थल पर डस्टबिन अनिवार्य
आयुक्त ने समितियों से अपील की कि वे भंडारा एवं प्रसादी वितरण के दौरान पर्याप्त संख्या में डस्टबिन रखें और वितरण के तुरंत बाद स्थल की सफाई सुनिश्चित करें। दिनभर में डिस्पोजल बिखरने से शहर में अस्वच्छता की स्थिति निर्मित होती है। जिसे जनसहयोग से ही रोका जा सकता है।
मोहारा विसर्जन कुंड में ही करें प्रतिमा विसर्जन
एनजीटी के नियमों का उल्लेख करते हुए आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक नदियों और तालाबों में प्रतिमा विसर्जन पूर्णत: प्रतिबंधित है। इस व्यवस्था के परिपालन में नगर निगम द्वारा मोहारा नदी तट के समीप विशेष विसर्जन कुंड का निर्माण कराया गया है। अत: सभी समितियां मां दुर्गा, मां काली व मां सरस्वती की प्रतिमाओं का विसर्जन केवल मोहारा स्थित विसर्जन कुंड में ही करें।




