० स्वच्छ भारत मिशन से जुडक़र घर-घर में किया शौचालय निर्माण सहित अन्य जागरूकता पूर्ण कार्य
० दिल्ली में हुआ राजनांदगांव जिले का नाम रौशन
राजनांदगांव (दावा)। दिल्ली में गत दिनों इन्डो यूरोपियन चेम्बर आफ स्माल एंड मीडिया इंटरप्राइजेस संस्था द्वारा आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले की जंगलपुर निवासी जागरूक महिला श्रीमती रूमिना साहू को वर्ष-2023 का नेशनल वूमन एक्सीलेन्सी एवार्ड से सम्मानित किया गया। इस संबंध में शहर की महापौर को अपना प्रेरणा श्रोत मानने वाली श्रीमती रूमिना साहू को पदमश्री फूलबासन बाई को पूरा मार्गदर्शन मिला। एक गांव-देहात की महिला को उनके जागरूकता पूर्ण कार्यों के लिए मिले नेशनल वूमन एक्सीलेंस एवार्ड से जिले का छोटा-सा गांव जंगलपुर ही पूरा राजनांदगांव जिला गौरवान्वित हुआ है।
बता दे कि दिल्ली में आयोजित उक्त सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ से सात जागरूक महिलाए चुनी गई थी। उनमें से एक राजनांदगांव जिले की जंगलपुर ग्राम निवासी श्रीमती रूमिना साहू है।
नेशनल एक्सीरेंसी एवार्ड से सम्मानित श्रीमती रूमिना साहू एम.ए. तक की शिक्षा प्राप्त की है। उनका विवाह शहर की महापौर श्रीमती हेमा देशमुख के वार्ड चिखली निवासी भानूप्रकाश पिता ललित साहू के साथ 2001 में हुआ था। दो बच्चे काम्या व सीमांत की मां श्रीमती साहू को उनके जागरूकता पूर्ण कार्य को देखते हुए महापौर श्रीमती देशमुख ने महिला विकास एवं नगर निगम से सम्बंधित विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी देते हुए उसे महिला ठेकेदार बनने का सुझाव दिया व ठेकेदार बनने में सहयोग किया। शहर में एक गृहिणी से महिला ठेकेदार के रूप में जाना जाने वाली श्रीमती साहू ने स्वच्छ भारत मिशन से जुडक़र न केवल घर-घर में शौचालय निर्माण का कार्य किया। रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य कर भूमिगत जलश्रोत बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य भी किया है।
इसी तरह जल है तो कल है की भावना व सोंच के चलते पर्यावरण संरक्षण हेतु सैकड़ों पेड़ लगाने का कार्य किया व नगर निगम के अन्दर शासन की योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों में सहभागिता निभाई है।
वर्तमान में एक निजी स्कूल में शिक्षिका का कार्य करने वाली श्रीमती साहू ने पदमश्री फूलबासन बाई से जूडक़र महिला समूह का गठन किया व उनके मार्ग दर्शन में मां बम्लेश्वरी हितकारी फेडरेशन से सम्बंधित होकर महिलाओं को समूह में बचत करने की प्रेरणा दी और महिलाओं के विकास के बारे में सोचा तथा व महिलाओं को संगठित कर जिले के अन्दर सामुदायिक संगठन से जुड़ कर महिलाओं को बैंक के माध्यम जोड़ा और महिलाओं का आर्थिक विकास एवं आत्मनिर्भर बनने में समूहों की मार्ग दर्शन करने लगी। बताया जाता है कि उनके पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण कार्यों के लिए न केवल उसे महापौर से सपोर्ट हासिल हुआ निगम के अधिकारियों का भी सहयोग मिला। उन्होंने अपने इस नेशनल वूमन एक्सीलेसी एवार्ड के लिए सभी का सहयोग व उनकी कड़ी मेहनत का फल बताया।



