कंगारू केयर यूनिट का एसी चालू नहीं नवजात शिशुओं के लिए खतरा
राजनांदगांव (दावा)। लगातार तीन-चार दिनों तक शासकीय छुट्टी रहने के कारण जिला चिकित्सालय में सन्नाटा पसरा हुआ है। डाक्टरों की थोड़े समय के लिए उपस्थिति के कारण बहुत कम मरीज वहां आ रहे हैं।
शनिवार हनुमान जयंती, रविवार सार्वजनिक अवकाश व सोमवार को आंबेडकर जयंती के चलते लगातार तीन- चार दिनों तक छुट्टी रहने के चलते जिला हास्पीटल सहित परिसर में स्थित 100 बिस्तरों वाले शिशु केयर अस्पताल की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। जिससे गर्भवती महिलाएं व नवजात शिशुओं सहित मरीजों के परिजनों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
चार दिनों से बंद पड़ा लिफ्ट
बता दें कि 100 बिस्तरों वाले महिला व शिशु अस्पताल में पिछले तीन-चार दिनों से लिफ्ट बंद पड़ा है जिसके कारण तीन- चार बिल्डिंग वाले महिला शिशु अस्पताल में मरीजों को सिढ़ी के रास्ते उपर चढऩी पड़ रही है जिससे उन्हें काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। लिफ्ट बंद रहने से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। सोमवार को एक गर्भवती महिला को उसके परिजनों ने पीछे से सहारा देते हुए ढकेल कर उपर चढ़ाया। इससे गर्भवती महिला की हालत बहुत खराब हो गई। सीढ़ी में ही प्रसव होने का खतरा उत्पन्न हो गया था।
अस्पताल के नर्सों ने बताया कि 100 बिस्तर महिला शिशु अस्पताल के न केवल सामने का लिफ्ट, डाक्टरों व नर्सों का पीछे से चढऩे वाला लिफ्ट भी खराब हो गया है। इसे सुधरवाने की दिशा में प्रबंधन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे न केवल डाक्टरों व नर्सों की परेशानी बढ़ी हुई है इससे गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं के साथ गंभीर हादसा भी हो सकता है।
कंगारू केयर यूनिट का बंद पड़ा एसी
बता दें कि 100 बिस्तर हास्पीटल में अशक्त एवं कम वजन वाले नवजात शिशुओं को गर्म रखने के लिए कंगारू केयर यूनिट बनाया गया है लेकिन भीषण गर्मी के दिनों में इसकी एसी बंद होने से उक्त नवजात शिशुओं के लिए इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसी तरह आइ सीयू में भी एसी बंद होने की सूचना है। भीषण गर्मी के दिनों में 100 बिस्तर महिला शिशु अस्पताल में एसी के बंद होने से उमस और गर्मी के बीच गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को गुजारा करना पड़ रहा है।
गंदगी से बजबजा रही है नालियां
जिला चिकित्सालय की ओर से 100 बिस्तर वाले हास्पिटल के प्रवेश द्वार की नालियों को कई महिनों से साफ नहीं होने के कारण गंदगी से बजबजा रही है। यह नवजात शिशुओं और उनकी माताओं के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। हास्पिटल में घुसने वालों के नाक में गंदगी के भभूके घुसने से उन्हें नाक में रुमाल रखना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन का इस ओर ध्यान नहीं जाना उनकी लापरवाही को दर्शाता है। फिलहाल 100 बिस्तर वाले हास्पिटल में तीन-चार दिनों से लिफ्ट बंद होने तथा नवजात शिशुओं को रखने के लिए बनाए गए आईसीयू व केसीयू में एसी चालू नहीं होने की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। ऐसे हालात में यहां आने वाली गर्भवती महिलाओ व नवजात शिशुओं के लिए खतरा बना हुआ है।
पिछले तीन चार दिनों से छुट्टियां के चलते अस्पताल में कुछ समस्याएं आई है। जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। लिफ्ट सुधरवाने के लिए अविन चौधरी के ध्यान में तत्काल लाया जा रहा है।
– डॉ. महेन्द्र प्रसाद
आरएमओ, जिला चिकित्सालय बसंतपुर (राज.)



