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राजनांदगांव : मोतीपुर आंगनबाड़ी केंद्र के दीवार में दरारें, मासूम बच्चों के लिए खतरा….

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केंद्रों में एक्सपायरी डेट के सामानों की आपूर्ति, जिला प्रशासन का ध्यान नहीं

राजनांदगांव (दावा)। बारिश के दिनों में आंगनबाड़ी केंद्रों के दीवार में दरारें आना मासूम बच्चों के लिए ख़तरनाक सिद्ध हो सकता है। इन दीवारों में जहरीले जीव-जंतु अपना स्थान बना सकते हैं और बाहर निकलकर बच्चों को काट भी सकते हैं। शहर के मोतीपुर वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र के दीवारों में कई जगह इस तरह की दरारें देखने को मिली। इससे पालकों में अपने मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर समा गया है। मोतीपुर वार्ड में इस नए बने व रंग पेंट से जगमगा रहे आंगनबाड़ी केंद्र में अंदर की भागों में जगह-जगह दरारें देखने को मिल रही है। यहां तक कि छत का प्लास्टर भी उखड़ा हुआ है जिसमें से लोहे का सरिया झांक रहा है। यदि आंगनबाड़ी आने वाले बच्चों पर उक्त प्लास्टर गिरा होता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। बच्चों के लिए सबसे बड़ा डर आंगनबाड़ी के दीवारों में जगह-जगह आई दरारों से है। जहां बारिश के दिनों में कीड़े-मकोड़े बच्चों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जानने में यह भी आ रहा है ग्रामीण क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में भी दीवारों या छतों पर दरारें देखने को मिल रही है। जो इन केंद्रों में आने वाले मासूम बच्चों के लिए ख़तरनाक सिद्ध हो सकता है।

एक्सपायरी डेट के सामानों की आपूर्ति
शहर सहित जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्रों में एक्सपायरी डेट के सामानों की धड़ल्ले से आपूर्ति हो रही है लेकिन इस और कोई देखने-सुनने वाला नहीं है। आपूर्ति किए जाने वाले घटिया सामानों की शिकायत खुद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही कर रही है। वहीं लोग आउट डेटेड और घटिया सामानों की आपूर्ति को कमीशन के चक्कर में खेले जाने वाला खेल बता रहे है। इसकी शिकायत कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे तक भी पहुंच गई है। उन्हें बताया गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आपूर्ति किए गए सामान में एक्सपायरी डेट मई 2025 का अंकित है, इसके बावजूद इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इन सामानों के उपयोग व खाद्य पदार्थों के सेवन से मासूम बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इस दिशा में प्रशासन को तत्काल ध्यान दिए जाने की जरुरत है।

बताया जाता है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में दुर्ग के एक कंपनी द्वारा उक्त सामानों की सप्लाई की गई है। जिसमें खाद्य पदार्थ सहित फिनायल, साबुन, तेल, कपड़ा धोने का पाउडर, डेटाल आदि है। उक्त सामान दोयम दर्जे का और लोकल उपज वाली सामाग्रियां है। यहां तक कि सप्लाई किया गए टीन के डिब्बे भी कम गेज वाले और घटिए दर्जे का है। हल्के व लोकल कंपनी व एक्सपायरी डेट के सामान आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्लाई किए जाने से उक्त सामानों की कलई खुलने लगी है।

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