डोंगरगांव (दावा)। विद्युत विभाग द्वारा मेंटेनेंस और निर्बाध विद्युत प्रदाय करने के उद्देश्य से सभी मौसम और महत्वपूर्ण त्यौहारों में कई घंटों का शटडाऊन करती है और दावा करती है कि सरप्लस बिजली उपभोक्ताओं को मिल रही है, लेकिन धरातल में ऐसा नहीं है। वहीं बात की जाए मेंटेनेंस कि तो सुरक्षा का ध्यान बिलकुल नहीं रखा जा रहा है। इसी से जुड़ी एक घटना सोमवार सुबह हुई और बारिश ने विद्युत विभाग की पोल खोल दी। विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते ग्राम सांगिनकछार में बड़ा हादसा हो गया। गांव के तीन मवेशी ट्रांसफार्मर के समीप करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना ग्राम सांगिनकछार के श्मशान घाट मार्ग पर लगे ट्रांसफार्मर के समीप की है। जिस खंभे में ट्रांसफार्मर लगा है, वह भी जर्जर हो चुका है और गिरने की हालत में है। जिसकी सूचना व शिकायत ग्रामीणों ने विभाग को दी है। बावजूद उन खंभे को सीधा नहीं किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार किसान संकन लाल वर्मा पिता प्यारी लाल वर्मा और अन्य दो किसान के तीन मवेशी एक बैल और दो बछड़ा बारिश के बाद चरने के लिए खेत की तरफ गए थे। तभी अचानक ट्रांसफार्मर से तेज आवाज के साथ करंट फैल गया और 5 मवेशी उसकी चपेट में आ गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को फोन करके बिजली बंद करवाया। जिसमें से दो पशु सुरक्षित बचा लिया गया और तीन की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कामकाज को लेकर काफी नाराज हंै और पीडि़त किसान को मुआवजा दिलाने की मांग की। किसान संकन लाल वर्मा ने बताया कि मवेशी ही उसके खेती का मुख्य सहारा थे। अब मेरे पास खेती करने के लिए कुछ नहीं बचा। यह नुकसान मेरी पूरी साल की मेहनत पर पानी फेर दिया। यह घटना न सिर्फ बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि गांवों में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कितनी बड़ी अनदेखी हो रही है। बारिश के चलते बिजली से संबंधित उपकरणों के आसपास ना रहे और ना किसी को जाने दें।



