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राशन दुकानों में बायोमेट्रिक मशीनें बंद, ओटीपी बताने के बाद ही मिलेगा चांवल, भटक रहे हितग्राही….

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० तीन माह का एकमुस्त राशन उठाने में हो रही परेशानी
० वृद्ध-श्रमिक हितग्राहियों के पास फोन नहीं, आधार केंद्रों में भी नंबर लिंक कराने को जुट रही भीड़
राजनांदगांव (दावा)। शासन की महती योजना तीन माह का चावल एकमुश्त देने की योजना पर पानी फिर रहा है। शहर के राशन दुकानों में लगी बायोमेट्रिक्स मशीनें बंद हो गई हैं। राशन लेने के लिए मोबाइल पर आने वाला वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) ही एकमात्र उपाय रह गया है। बगैर ओटीपी राशन नहीं दिया जा रहा है, लेकिन इस व्यवस्था ने हितग्राहियों को परेशान कर दिया है। बड़ी संख्या में ऐसे राशन कार्डधारी हैं, जिनके पास मोबाइल फोन ही नहीं हैं। इसमें खासकर वृद्धा और श्रमिक वर्ग की महिलाएं शामिल हैं। वहीं कई हितग्राहियों के फोन नंबर आधार पर लिंक नहीं हैं। कुछ के तो मोबाइल नंबर ही बदल गए हैं। ऐसी स्थिति में इन हितग्राहियों को राशन नहीं दिया जा रहा है। दुकान संचालक बायोमेट्रिक्स पद्धति से थंब इंप्रेशन लेने से मनाकर रहे। पक्ष है कि मशीन का सर्वर काम नहीं कर रहा। हितग्राहियों को सीधे तौर पर लौटाया जा रहा। दूसरे किसी विकल्प की जानकारी तक नहीं दे रहे। लगभग सभी दुकानों में लगी बायोमेट्रिक्स मशीनें बंद हो गई हैं। अब राशन लेने ऐसे हितग्राहियों को नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा। बताया जा रहा है कि कई हितग्राहियों ने नया मोबाइल खरीदा, जिसका नंबर आधार से लिंक कराने निगम में पहुंचे हैं। अभी तक नंबर लिंक नहीं हुआ है।
पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने दिलाया 10 किलो चांवल
बसंतपुर वार्ड के हितग्राही अरुण सनिक ने बताया कि उनका मोबाइल नंबर बदल गया है। इसलिए ओटीपी नहीं आ रहा। 28 मई को चांवल खत्म हो गया। उन्होंने निजी दुकान से 5 किलो चांवल खरीदा। अब ओटीपी बिना चांवल मिलने से परेशान भटक रहे थे। पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने परिवार के लिए 10 किलो चावल की व्यवस्था कराई है।
पार्षद-नेताओं से मिन्नतें कर रहे हितग्राही, राहत नहीं
राशन दुकान से लौटाए जा रहे हितग्राही अपनी समस्या को लेकर पार्षद और नेताओं के पास पहुंच रहे। उनसे चांवल दिलाने की मिन्नतें कर रहे। रोजाना पार्षद, पूर्व पार्षद और स्थानीय नेता राशन दुकानों में भी पहुंच रहे लेकिन संचालक उन्हें खाद्य विभाग के आदेश का हवाला देकर लौटा रहे। इसके चलते हितग्राहियों को राहत नहीं मिल रही। स्थिति यह है कि स्थानीय नेता प्रशासन को शिकायत कर व्यवस्था में सुधार करने की मांग कर रहे, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जून में एक साथ तीन महीने का दिया जाना है राशन
शासन के इस आदेश के बाद अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक कराने के लिए भीड़ उमड़ रही है। नगर निगम, कलेक्ट्रेट और दूसरे जगहों के आधार केंद्रों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन हो रहे हैं लेकिन यहां भी नंबर लिंक होने में समय लग रहा है। अचानक ऐसे आदेश के बाद आधार केंद्रों में लोगों से तीन से चार गुना भीड़ पहुंचने लगी है। राज्य सरकार ने जून में एक साथ तीन महीने का राशन देने का आदेश दिया है।
पूर्व पार्षद ने उठाई मांग सरलीकरण करना जरूरी
इधर कांग्रेस के पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने राशन वितरण की व्यवस्था में सरलीकरण की मांग की है। उन्होंने इसके लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। शास्त्री ने बताया कि ग्रामीण और श्रमिक वार्ड के लोगों को अधिक परेशानी हो रही है। वयोवृद्ध हितग्राही राशन के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है।

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