‘नटवर लाल’, ‘बाप नंबरी, बेटा दस नंबरी’ और ‘बंटी और बबली’ जैसी फिल्मों
की तर्ज पर अंजाम दी गई एक घटना हाल में सामने आई. यह मामला चेन्नई का है,
जहां तीन शातिर बदमाशों ने एक होटल को बेच ही दिया था, लेकिन वहां के
स्टाफ की अक्लमंदी से यह होते-होते रह गया.
मामला चेन्नई (Chennai) के ‘अंबिका एंपायर’ होटल का है. इस होटल में
आने-जाने के दौरान शातिरों ने इसको बेचे जाने का पूरा मंसूबा एक ग्रुप
(Group) से लगभग फाइनल ही कर लिया था, कि स्टाफ को इसकी भनक लग गई. शातिर
लुटेरे होटल को 165 करोड़ रुपये की बड़ी रकम में बेचने वाले थे. हालांकि
इसके सामने आने के बाद अब वे पुलिस (Police) की गिरफ्त में हैं.
‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक इसी होटल की लॉबी में बैठ कर पांच लोग इस
होटल को बेचने के लिए मोलभाव कर रहे थे. उन्होंने खरीदारों से अपना परिचय
होटल मालिक और जनरल मैनेजर कह कर कराया था. इस बीच होटल स्टाफ (Hotel
Staff) ने उनकी बातचीत सुन ली और उन्हें संदेह हुआ तो उन्होंने इसकी
जानकारी होटल मैनेजर को दे दी. होटल मैनेजर ने इस बारे में होटल मालिक को
बताया और फिर पुलिस को बुला लिया गया.
पुलिस के मुताबिक शातिरों ने केरल की एक निजी फर्म कंपनी से होटल को बेचे
जाने की बात की थी. बात होने के बाद फर्म से एक टीम चेन्नई पहुंची,
जिन्हें होटल में ही रुकवाया गया. उन्होंने उस टीम को पूरा होटल अच्छी
तरह दिखाया और फिर इसे 165 करोड़ में बेचे जाने की बात तय हुई. पुलिस की ओर
से कहा गया है कि हमें होटल मैनेजमेंट की ओर से शिकायत मिली थी. इसके बाद
पुलिस पूछताछ के लिए पहुंची और तीनों शातिरों 70 वर्षीय करुणाकरण के अलावा
परमानंदम और दक्षिणामूर्ति को हिरासत में ले लिया.



