0 पूर्व विधायक रामजी भारती व विनोद खांडेकर को अतिथि का दर्जा नहीं मिलना चर्चा का विषय
0 अतिथि बनने एवं निर्माण कार्यों की स्वीकृति वरिष्ठ नेताओं की अनुशंसा के बिना संभव नहीं होता
डोंगरगढ़ (दावा)। श्री बमलेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति डोंगरगढ़ द्वारा संचालित मां बमलेश्वरी धर्मार्थ चिकित्सालय में डायग्नोस्टिक सेंटर (कंप्यूटराइज्ड लैब पैथोलॉजी, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे) का भव्य शुभारंभ एवं मंदिर ट्रस्ट समिति के प्रयासों से स्वीकृत वाय शेप ओवर ब्रिज का भूमि पूजन आज प्रात: 11:00 बजे नीचे मां बमलेश्वरी प्रांगण डोंगरगढ़ में होने जा रहा है।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह (विधानसभा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुण साव (उप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़) द्वारा की जाएगी एवं विशेष अतिथि श्याम बिहारी जयसवाल स्वास्थ्य मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, संतोष पांडे सांसद, लोकसभा क्षेत्र राजनांदगांव, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल विधायक डोंगरगढ़ विधानसभा, रमन डोंगरे अध्यक्ष नगर पालिका परिषद डोंगरगढ़ होंगे।
डोंगरगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक व क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेताओं को विशेष अतिथि का दर्जा नहीं मिलने से जहां नेताओं के समर्थकों में आक्रोश व्याप्त है। वहीं दूसरी ओर सक्रियता के साथ कार्य करने वाले वरिष्ठ भाजपा नेताओं को विशेष अतिथि का दर्जा नहीं मिलने की घटनाक्रम को राजनीतिक आईने से देखा जा रहा है। हालांकि मंदिर ट्रस्ट की ओर से विशेष अतिथि बनने से चूक गए वरिष्ठ भाजपा नेताओं को मनाने अथवा संतुष्ट करने का प्रयास किया गया है।
प्रदेश में सत्ताधारी दलों के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं की अनुशंसा के बिना प्रदेश के वरिष्ठ नेता किसी भी कार्यक्रम के लिए अपनी सहमति नहीं देते है, न हीं स्थानीय वरिष्ठ नेताओं के बिना वरिष्ठ नेताओं से मिलने का प्रयास किया जाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम के अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मिलने के लिए अनेक मर्तबा वरिष्ठ भाजपा नेता, प्रदेश भाजपा महामंत्री व पूर्व विधायक रामजी भारती के नेतृत्व में मां बमलेश्वरी ट्रस्ट समिति का प्रतिनिधि मंडल गया था। जो कि किसी भी कार्यक्रम में अतिथि की सहमति अथवा निर्माण कार्यों की अनुशंसा के लिए, वरिष्ठ नेताओं की सहमति व अनुशंसा के महत्व को दर्शाता है।
मंदिर ट्रस्ट और वरिष्ठ भाजपा नेता प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए। उक्त संबंध में स्थानीय वरिष्ठ नेताओं व मंदिर ट्रस्ट समिति की ओर से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, किंतु सभी अपनी प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए।



