शिकायत मिलते ही कर्मचारी का स्थानांतरण के बाद निलंबन किया गया
बैंक द्वारा थाना भेजी गई शिकायत पर एफआईआर की प्रक्रिया
बैंक कर्मचारी पर किए गए विश्वास से उपभोक्ताओं को पहुंचा आघात, दहशत में उपभोक्ता
डोंगरगढ़ (दावा)। बैंकों के माध्यम से बैंक उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी करने की घटना आए दिन देखने व सुनने को मिलते रहती है। लेकिन बैंक में पदस्थ कर्मचारी द्वारा अपने ही बैंक के उपभोक्ताओं के साथ दगाबाजी कर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने का पहला मामला प्रकाश में आया है। जिसे लेकर पीडि़त उपभोक्ता दहशत में आ गए हैं। देखा जाए तो, पीडि़त उपभोक्ताओं की मेहनत से जमा की गई पूंजी पर बैंक कर्मचारी ने उन्हें अपने माया जाल में फंसा कर डाका डाला है।
बैंक प्रबंधक के पास कर्मचारी की शिकायत पहुंचते ही पहले तो बैंक कर्मचारी उमेश गोरले का राजनांदगांव स्थानांतरण किया गया था। किंतु पीडि़त उपभोक्ताओं द्वारा दबाव बनाने पर आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया। बैंक की ओर से एफआईआर दर्ज करने कर्मचारी उमेश गोरले की शिकायत थाना डोंगरगढ़ में गई है।
एफआईआर की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने की जानकारी थाना प्रभारी उपेंद्र शाह द्वारा दी गई। एफआईआर होते ही पीडि़त सभी उपभोक्ताओं का नाम और आरोपी बैंक कर्मचारियों द्वारा कितनी राशि की धोखाधड़ी की गई उसकी जानकारी सामने आ पाएंगी। एक्सिस बैंक की ओर से इन्वेस्टिगेशन अधिकारी राजू ने बताया कि शिकायत की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूर्ण होते ही संपूर्ण जानकारी से अवगत कराया जाएगा।
ओटीपी नंबर को शेयर न करें उपभोक्ता – बैंक मैनेजर
एक्सिस बैंक के मैनेजर ने सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे अपना ओटीपी नंबर किसी के साथ भी शेयर न करें। उपभोक्ताओं द्वारा ओटीपी नंबर के शेयर करने के कारण ही आरोपी कर्मचारी द्वारा ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करना संभव हो पाया है।
शहर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों व अनेक ग्रामीणों के साथ की गई करोड़ों की धोखाधड़ी
नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर एक्सिस बैंक के पीडि़त उपभोक्ता ने बताया कि बैंक कर्मचारी के स्थानीय होने एवं वर्षों पुरानी जान पहचान होने के साथ-साथ उसका बैंक कर्मचारी होने के चलते पूरे विश्वास के साथ आरोपी कर्मचारी को बैंकिंग कार्य के लिए ओटीपी नंबर दिया गया था।
यह कार्य उस कर्मचारी ने ड्यूटी के दौरान किया है। हमें बैंक पर पूरा विश्वास है कि बैंक हमें हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द करेगी। इसी प्रकार शहर के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों तथा ग्रामीण क्षेत्र के भोले-भाले उपभोक्ताओं के साथ बैंक के कर्मचारी उमेश गोरले द्वारा तकनीकी ज्ञान का फायदा उठाते हुए करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की गई।



