गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही।
राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के अवैध दोहन को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले में खनिज विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध मुरुम उत्खनन और रेत परिवहन में संलिप्त कुल 9 वाहनों को जब्त किया है। प्रशासन के इस कड़े रुख से क्षेत्र के खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
जिला खनिज उड़नदस्ता दल की छापामार कार्रवाई
कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर यह कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान सिवनी और मरवाही क्षेत्र में अवैध रूप से मुरुम उत्खनन किए जाने की सूचना पर खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। जांच में अवैध उत्खनन की पुष्टि होने पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 जेसीबी मशीन एवं 3 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर लिया। सभी जब्त वाहनों को संबंधित पुलिस थानों में सुरक्षित रखा गया है।
अवैध रेत परिवहन पर भी कसा शिकंजा
मुरुम के साथ-साथ जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए। मरवाही, कोलबीरा एवं कोटमी क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेजों के रेत का परिवहन करते पाए जाने पर 4 ट्रैक्टर वाहनों को भी जब्त किया गया।
क्या कहते हैं अधिकारी:
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सभी मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। वाहन मालिकों को नियमानुसार भारी अर्थदंड (जुर्माना) जमा करने के बाद ही वाहनों की रिहाई की अनुमति दी जाएगी।
प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
राज्य सरकार द्वारा खनिज संपदा को सार्वजनिक संपत्ति मानते हुए उसके संरक्षण और वैध उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अवैध उत्खनन और परिवहन न केवल शासन को बड़े पैमाने पर राजस्व हानि पहुंचाते हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी गंभीर चुनौती उत्पन्न करते हैं। इसी कारण प्रदेश सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का स्पष्ट संदेश देते हुए लगातार निगरानी और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए हैं:
जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा जाए।
दोषियों के विरुद्ध निरंतर और कठोर कार्रवाई जारी रहे।
खनिज संसाधनों के संरक्षण के संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी, टीम की रही मुख्य भूमिका
खनिज विभाग की इस ताबड़तोड़ और सक्रिय कार्रवाई से अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के बीच डर का माहौल है। जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी की जा रही है तथा शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने में मुख्य रूप से शामिल रहे:
आदित्य मानकर (सहायक खनि अधिकारी)
सुजीत कंवर (खनि निरीक्षक)
शिवकुमार लहरे (खनिज सिपाही)
सतीश साहू एवं साहिब गनी (नगर सैनिक)
अवैध खनन के विरुद्ध अभियान रहेगा जारी: प्रशासन की अपील
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा राजस्व हितों की रक्षा के लिए ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जागरूक नागरिक का फर्ज निभाएं और अवैध खनन संबंधी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।



