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आर्थिक रूप से दिवालिया अनिल अंबानी पर ईडी की छापेमारी क्या गुल खिलाएगी…

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नई दिल्ली। स्टेट बैंक आफ इंडिया के साथ-साथ अन्य बैंकों से लोन लेने वाले अनिल अंबानी पर छल, कपट, ठगी और प्रपंच करने के आरोप लगे हैं। चकित करने वाली बात यह है कि बाजार के नियमनकार सेबी ने अनिल अंबानी को आर्थिक अनियमितताएं व अवैध रीत के चलते एक से अधिक आदेश दिए थे। उसके बाद, लंदन कोर्ट में अपने पास पैसा नहीं है, पत्नी के गहने गिरवी रख कर गुजारा चलाना पड़ता है। ऐसा कहने वाले अनिल अंबानी के पास अरबों रूपए है। सेबी के शेयर मार्केट में सक्रिय रहने वाले, पुन: नई कमाई करने पर प्रतिबंध लगने के बावजुद भी वर्षों से अनिल अंबानी अपने प्राइवेट जेट में घुमते हैं, मुंबई के पाली हिल क्षेत्र में 17 वे फ्लोर के 5000 करोड़ के आलीशान बंगले में रहते हैं। ऐसी विसंगता होने के बावजुद, उनके विरूद्ध सीबीआई या आयकर विभाग तो दूर पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज नहीं हुई है।

अब अंत में ईडी ने उनके 50 ठिकानों में छापेमारी की है। कम से कम, इस कारण अनिल की कम्पनियों के लाखों शेयर धारकों को निश्चय ही थोड़ी राहत मिली होगी। विश्व के सर्वाधिक घनाढय़ वर्ग की सूची में छठवें क्रम में रहने वाले अनिल अंबानी का एकदम नीचे लुढक़ना और स्वयं का आर्थिक पक्ष कमजोर होना बताया, यह बात ही बेमानी लगती है। अंतत:, केन्द्र सरकार की एजेन्सी एन्फोर्समेन्ट डिरेक्टरेट (ईडी) ने कार्यवाही की है। अनिल अम्बानी अपनी कम्पनियों के जरिए बैंकों, वित्तीय संस्थाओं के पास से प्राप्त लोन 1.11 लाख करोड़ की लोन वापस करने की स्थिति में नहीं हैं। याने कि, इन्सालवन्सी एंड बैंकरप्सी कोड (आई.बी.सी.) अधीन डूबा दिए 96.454 करोड़ का चूना लगाने के बाद अब शेष बची कम्पनियों रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर ऋण मुक्त है, ऐसी बात फैलाकर जमीनी स्तर पर काम ही नहीं किया। फिर भी, अनिल अंबानी ने 2008 में रिलायंस पावर का पब्लिक इश्यु किया। 10,560 करोड़ रूपए बनाए। उस समय, देश में 22 पावर प्लांट स्थापित करने की घोषणा की थी। वर्तमान में कम्पनी के पास पांच प्लांट है। कम्पनी के शेयर कीमत के इश्यु समय 450 रूपए थी, जो पिछले 16 वर्ष में कभी भी देखने को यह राशि नहीं मिली। इश्यु के दौरान पूंजी निवेश करने वाले 42 लाख शेयर होल्डर आज भी अपना पैसा खोने का विलाप कर रहे हैं।

रंग-बिरंगे सपने दिखाकर अनिल अंबानी ने निवेशकारों को फिर कम्पनियों में नया निवेश, नया लोन, नया प्लान और नए-नए आयोजन कर रहे है। सितम्बर 2024 से शुरू हुई गुलाट के कारण रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर शेयर की कीमत इस समय में दुगुनी और रिलायंस पावर की कीमत 50 प्रतिशत जितने बढ़ गए थे। ऐसे ही समय छापा पडऩे से शेयरों में गिरावट आई और अनिल अंबानी फिर धड़ाम से नीचे आ गए।
अनिल अंबानी के यहां छापा पड़ा, इसके लिए यस बैंक ने सीबीआई को रिलायंस कैपिटल और रिलायंस होम फाईनेंस के फ्राड एकाउट बाबत शिकायत की, ये ही छापा मारने की जड़ में कारण है। संक्षेप में यह कि, अनिल अंबानी ने यस बैंक से करोड़ों का निवेश प्राप्त किया, तब यस बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर राणा कपूर थे। राणा कपूर ने बैंक के सारे नीति-नियमों की धज्जियां उड़ा दी, ऐसा उन पर आरोप है। ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया और चार साल वह कारावास में रहा। कपूर ने केस में दीवान हाउसिंग को दी हुई लोन में से 466 करोड़ अपनी अन्य कम्पनियों से वापस कर दी थी। इसी प्रकार, अनिल की कम्पनी ने भी कपूर को 285 करोड़ वापस लौटा दिए थे।
रिलायंस होम फाईनेंस में अनिल अंबानी ने वित्तीय अनियमितताएं अवैध रूप से उसने दलालों का उपयोग किया। मकानों की खरीदी या रियल इस्टेट डेवलपर को कर्ज दे सके, ऐसी रिलायंस होम फाइनेंस के नियमों को बलाए ताक पर रख कर जनरल कारपोरेट कामकाज के लिए लोन देना शुरू किया था। ताज्जुब यह कि ऐसा अवैध कृत्य का पहलु कि यह लोन का आवेदन दूसरे दिन ही मंजूर हो जाता था। और तीसरे दिन लोन मांगने वाले के खाते में पैसा जमा हो जाता था। होम फाइनेंस कम्पनी ने अनिल अंबानी ग्रुप की कम्पनियों को लोन दिया था और जो वापस नहीं होने से होम फाइनेंस कम्पनी का ‘उठावना’ हो गया। यह काण्ड लगभग 8000 करोड़ का है। रिलायंस होम फाइनेंस में अनिल अंबानी ने सरकार, आर.बी.आई. नेशनल हाउसिंग बैंड और शेयर होल्डर्स की आंखों में धुल झोंककर करोड़ो की राशि की उठाईगिरी की है।

शेयर बाजार में डिफेन्स, सोलार और ग्रीन एनर्जी क्षेत्र की कम्पनियों की ओर शेयर होल्डर्स का आकर्षण देखकर उसका अनुचित लाभ उठाया और निवेशकारों को खून के आंसू बहाने विवश कर दिया। वह फिर नई बाजी खेलने तैयार हुआ। महाराष्ट्र में 1000 एकड़ जमीन ऊपर डिफेंस सिटी में यहां ही अनिल अंबानी की राफेल एयरकाफ्ट के साथ वाली कम्पनी स्थित है। इसे विस्तार देने की योजना गढ़ी गई। जर्मनी की रिनमेटल के साथ संयुक्त रूप से तोप के गोले और विस्फोटक सामग्री बनाने के लिए मई 2025 में घोषणा हुई। जून में तो कम्पनी को 600 करोड़ का आर्डर भी मिल गया। इसी प्रकार, हेलीकाप्टर का सारा कार्य और अन्य मरम्मत के लिए अमेरिका की कोस्टल मिकेनिक्स के साथ भागीदारी करने की बात विस्तरित हुई। भूटान में 2000 करोड़ का निवेश करने के साथ 500 मेगावाट क्षमता का पावर प्लान खड़ा करने के लिए सरकार के पास से अनुबंध भी कर लिया। बैटरी स्टोरेज में 930 मेगावाट की क्षमता और एक सोलर पावर प्लांट स्थापित करने आन्ध्रप्रदेश में 10000 करोड़ की घोषणा कर डाली थी।

उनकी कम्पनी ऋणमुक्त हो गई है और नया निवेश आ रहा है, इसे साबित करने अनिल अंबानी ने 1525 करोड़ का प्रीफरेन्स शेयर इश्यु किया था। सबसे महत्वपूर्ण यह कि प्रीफरेन्स शेयर में ओथम इन्वेस्टमेंट एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम की एक कम्पनी भी 720 करोड़ रूपयों का निवेश करने वाली है। ओथम के प्रमोटर में संजय डांगी और अल्पना डांगी का भी समावेश होता है। डांगी एक विवादित व्यक्ति है। उस पर शेयर मार्केट में गोलमाल करने के एवज में उसे 16 लाख से दंडित किया गया था। 34000 करोड़ के दिवान हाउसिंग काण्ड की सीबीआई जांच कर रही है। यह वही दिवान हाउसिंग कम्पनी है, जिसमें यस बैंक और राणा कपूर लिप्त हैं। जिनके कारण, ईडी ने अनिल अंबानी के यहां छापामार कार्यवाही की है।

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