राज्यपाल श्री रमेन डेका का छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो गया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के हित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया है। वे प्रदेश के जनजातीय समुदायों, महिलाओं, बुजुर्गाे, युवाओं, माताओं, बच्चों, दिव्यांगों सहित सभी वर्गाे की बेहतरी और कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। छत्तीसगढ़ वासियों का अत्यंत सरल, सहज व्यवहार उन्हें प्रेरणा देता हैै। वे जितने सरल और सहज हैं उतने ही जनता से जुड़े हुए भी हैं। छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं परंपराएं उन्हें उनके गृह प्रदेश असम की याद दिलाती है और वे इसे लेकर गर्व महसूस करते है।
श्री डेका ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में केवल औपचारिक भूमिकाओं तक सीमित न रहकर, राज्य के हर जिले में जाकर वहां की धरातलीय परिस्थितियों को स्वयं देखा, सुना और समझा। प्रदेश के सभी 33 जिलों का दौरा उन्होंने कर लिया है। गांव, कस्बे में जाकर लोगांे से सीधे बात की खास कर उन लोगों से जो सरकार की योजनाओं से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि योजनाएं सिर्फ कागजों पर है या लोगांे के जीवन में असर कर रही है। उन्होंने महिला समूहों लखपति दीदियों, विद्यार्थियों, किसानों से बात-चीत की और उन्हें प्रेरणा देने के साथ-साथ उनकी समस्याओें का समाधान भी सुझाया।



