शॉपिंग-वेबसाइट से छत्तीसगढ़ की छात्रा से भी फ्रॉड, मुंबई से कर रहे थे ऑपरेट, बिहार-महाराष्ट्र के हैं आरोपी
साइबर फ्रॉड में खैरागढ़ पुलिस की सबसे बड़ी कार्यवाही
खैरागढ़ (दावा)। छत्तीसगढ़ की खैरागढ़ पुलिस ने मुंबई में ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के ठिकाने पर छापेमारी की। खैरागढ़ पुलिस 64 हजार की ठगी के आरोपियों को पकडऩे गई थी, लेकिन 50 करोड़ की ठगी के शातिरों को धर दबोचा। आरोपी बिहार और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पत्रकारवार्ता में पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा सहित पुलिस अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुंबई में बैठे साइबर ठग ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को टारगेट करते थे। ऑनलाइन पेमेंट करते ही खाते से रकम गायब कर देते थे। खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की छात्रा को भी ठगों ने निशाना बनाया। साइबर थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने 8 ठगों को मुंबई से अरेस्ट किया है। इसके साथ ही ‘100 बुक’ नाम की ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप भी चला रहे थे। गेम के जरिए करोड़ों रुपए जीतने का लालच देते थे। इसके बाद गेम में पैसे लगवाकर ठगी कर लेते थे। इसके लिए अलग-अलग लोगों को हायर किया था। ऑनलाइन शापिंग साइट और बेटिंग ऐप से ही खाते से रकम गायब कर देते थे। खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की छात्रा को भी ठगों ने निशाना बनाया। साइबर थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने 8 ठगों को मुंबई से अरेस्ट किया है। ऑनलाइन शापिंग साइट और बेटिंग ऐप से 50 करोड़ की ठगी की है।
दरअसल, खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की छात्रा वसुधा सिन्हा इंस्टाग्राम पर रील्स देख रही थीं, तभी उनकी नजऱ ‘चिकनकारी’ नाम की एक वेबसाइट के विज्ञापन पर पड़ी। उसे खोलने पर साडिय़ां बेचने वाला एक पेज खुला। साड़ी का 1000 रुपए भुगतान करने के बाद खाते से 64 हजार रुपए कट गए। इसके बाद छात्रा वसुधा सिन्हा खैरागढ़ साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद साइबर सेल ने इंस्टाग्राम पेज, पेमेंट ऐप और बैंक खातों की जांच की। जांच में सामने आया कि इस ठगी के पीछे मुंबई के डोम्बिवल्ली और कल्याण में सक्रिय एक बड़ा गिरोह है। प्रार्थियां की रिपोर्ट पर थाना खैरागढ़ में अपराध क्रं. 476/2025 धारा 318(4) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया। यह गिरोह इंस्टाग्राम पर फर्जी साड़ी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर के लोगों को ठग रहा है। इसके अलावा, वे ‘100 बुक’ नाम की ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप भी चला रहे हैं, जिसका उपयोग ठगी के बड़े गोरखधंधे के लिए किया जा रहा है। मुंबई डोम्बिविल्ली में सभी आरोपीगण लैपटॉप एवं मोबाईल फोन से साइबर फ्रॉड करने में एक्टिव पाया गया।। तलाशी पर 05 नग लैपटॉप, 14 नग एन्ड्राईड फोन, 51 नग बैंक पास बुक, 51 नग, एटीएम कार्ड, 15 नग चेक बुक, 25 नग सिम कार्ड बरामद किया गया।। बरामद लैपटॉप एवं मोबाईल का एनालिसिस करने पर साइबर फ्रॉड के अलावा ऑनलाईन गेमिंग बेटिंग एप्प 100 बुक का भी संचालन करना पाया गया।
खैरागढ़ पुलिस एक्टिव हुई और मुंबई गई, मुंबई में 7 दिन रही खैरागढ़ पुलिस
आईजी अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि पुलिस की टीम ने मुंबई में 7 दिनों तक रही और रेकी की। टीम ने खुद को डिलीवरी बॉय के रूप में प्रस्तुत कर इलाके में जानकारी जुटाई। इसके बाद डोम्बिवल्ली के 2 फ्लैटों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान जांच में पता चला कि गिरोह ने 100 से अधिक फर्जी सिम कार्ड और बैंक खाते बना रखे थे। इन्हीं के माध्यम से लगभग 50 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ था। मौके से पुलिस ने 5 लैपटॉप, 14 मोबाइल, 51 बैंक पासबुक, 51 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक और 25 सिम कार्ड जब्त किए हैं।
महाराष्ट्र और बिहार के रहने वाले हैं सभी आरोपी
आईजी अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि सभी आरोपी महाराष्ट्र और बिहार के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों में गौतम परमानंद (23 साल) महाराष्ट्र का रहने वाला, पवन सुरूसे (25 साल) महाराष्ट्र, विनायक मोरे (24 साल) महाराष्ट्र, अमित मोरे (25 साल) महाराष्ट्र, रामचन्द्र चौके (21 साल) महाराष्ट्र, अमोल दिवनाने (24 साल) महाराष्ट्र, अभिषेक डंबडे (24 साल) महाराष्ट्र, मनोज मुखिया (23 साल) बिहार शामिल है। मामले से जुड़े अन्य लिंक की तलाश कर रही है। आरोपियों पर संगठित अपराध और जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।


