छात्र-छात्राओं को योग और जीवन प्रबंधन पर मिला प्रेरक मार्गदर्शन, एकाग्रता पर दिया गया जोर
राजनांदगांव (दावा)। जिला शिक्षाधिकारी के निर्देश एवं मार्गदर्शन में पतंजलि योग समिति द्वारा विद्यालयों में आयोजित योग—जीवन जीने की कला श्रृंखला की 25वीं कड़ी के अंतर्गत आज महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल, पुराना रेस्ट हाउस के सामने में महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया गया। प्रार्थना सभा के पश्चात छात्र-छात्राओं को योग एवं जीवन प्रबंधन पर प्रेरक मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आसन, प्राणायाम एवं ध्यान के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने ‘होश और सजगता ही प्रकाश है—यही ध्यान है’ विषय पर बच्चों को सरल, प्रभावी और व्यवहारिक तरीके से ध्यान के लाभ समझाए।
० मानसिक शांति और ऊर्जा का अनुभव
छात्र-छात्राओं को परमपिता के निजनाम ‘ओम’ का उच्चारण कराया गया। जिससे बच्चों ने मानसिक शांति, एकाग्रता एवं सकारात्मक ऊर्जा के लाभों को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया। स्वास्थ्य जागरूकता सत्र में विद्यार्थियों को संतुलित आहार, पानी पीने का उचित समय एवं मात्रा, भोजन से पहले-पश्चात अनुसरण करने योग्य नियमों तथा दैनिक दिनचर्या को अनुशासित रूप से अपनाने पर उपयोगी सुझाव दिए गए। बच्चों को यह भी समझाया गया कि जिंदगी सरल है, कठिन हम स्वयं बनाते हैं। ऊर्जा के महत्व पर प्रेरक संदेश देते हुए बताया गया कि जीवन के हर कार्य का आधार ऊर्जा है और यदि संकल्प तथा कार्य श्रेष्ठ हों, तो परिणाम भी निश्चित रूप से श्रेष्ठ मिलते हैं। कार्यक्रम का संचालन पतंजलि योग समिति के हेमन्त तिवारी एवं दिलीप कुमार राम द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य श्रीमती पूर्णिमा शुक्ला, आर.के. सलामे, आर.सी. चौधरी, एल. आर. मात्रा सहित समस्त स्टाफ और पी.टी.आई. सरीन की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।



