नई दिल्ली। सांसद संतोष पाण्डेय ने वन्देमातरम् पर लोकसभा में हुई चर्चा में हिस्सा लिया। लोकसभा में वन्दे मातरम् पर संसद में आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते समय हमारा मस्तक कृतज्ञता से झुक जाता है। गुलामी के चिह्नों को मिटाने का कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किया है। स्वतंत्रता की लड़ाई में वन्दे मातरम् ने युवाओं में प्राण फूँकने का काम किया। वन्दे मातरम् का अर्थ है, माता की आराधना। यह उस माता की आराधना है, जिसकी गोद में हम खेलते हैं और जीवन में आगे बढ़ते हैं।
भाजपा सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि हमारे वेद और ग्रंथों में ऋषियों और संतों ने धरती की आराधना की बात कही है। 1965 के भारत- चीन युद्ध के दौरान संसद में पंडित नेहरू ने कहा था कि अक्साई चीन ऐसी बंजर भूमि है जहाँ घास का एक तिनका भी नहीं उगता। इस पर संसद में भाई महावीर त्यागी ने अपनी टोपी उतारकर अपना गंजा सिर दिखाते हुए कहा कि, यहाँ भी एक तिनका नहीं उगता, क्या इसे भी उन्हें दे दें? उन्होंने आगे कहा कि, हमारी जन्मभूमि हमारी मातृभूमि है। पूरा देश जानता है कि अक्साई चीन पर चीन के कब्जे को लेकर कांग्रेस की सरकार उदासीन रही। (शेष पृष्ठ ६ पर…)



