राजनांदगांव। युवा नेता एवं पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने खाद्य विभाग को लिखित शिकायत सौंपते हुए कहा कि “गरीब परिवारों का हक छीना जा रहा है, इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”उन्होंने मांग की कि पात्र परिवारों को पूर्व अनुसार पूरा राशन तत्काल बहाल किया जाए।
शास्त्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में
राशन प्रणाली में अव्यवस्था बढ़ी,मिलर्स और अधिकारियों के बीच मिलीभगत से गरीब जनता का हक काटा जा रहा है,
KYC को बहाना बनाकर अनाज में कटौती की जा रही है,और वृद्धजनों को थंब इम्प्रेशन न मिलने पर पूरी तरह वंचित कर देना अमानवीय है।
उन्होंने कहा कि “जो सरकार गरीबों का पेट काटती है, वह जनहित की सरकार नहीं बल्कि अन्याय की संरक्षक बन जाती है।”
शास्त्री ने यह भी कहा कि सरकार व मिलर्स ने पिछले वर्षों के आंकड़ों के आधार पर ही खरीदी की होगी, ऐसे में अचानक की गई कटौती का कोई आधार नहीं बनता।
उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने
हर पात्र परिवार को पूरा राशन सुनिश्चित किया,किसी भी गरीब को KYC या तकनीकी गड़बड़ी के कारण वंचित नहीं होने दिया राज्य में खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया,और जनता के हित में पारदर्शी वितरण व्यवस्था चलाई।
उन्होंने कहा—“कांग्रेस शासन में जनता को राहत और सुरक्षा मिली थी, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार में गरीबों का हक छीनने की घटनाएँ बढ़ रही हैं।
शास्त्री ने बताया कि सरकार की नीति के अनुसार 3 से 5 सदस्य वाले परिवारों को 35 किलो राशन मिलना चाहिए, परंतु एक सदस्य की KYC न होने पर 7 किलो कटौती करना सीधे-सीधे गरीबों के पेट पर प्रहार है।



