सुशासन तिहार को लेकर नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले का बड़ा बयान
राजनांदगांव। भाजपा शासित नगर निगम द्वारा सुशासन तिहार के तहत वार्डों में लगाए जा रहे समस्या निवारण शिविरों को लेकर नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इन शिविरों को जनता की समस्याओं के समाधान की बजाय केवल ढकोसला करार देते हुए कहा कि निगम प्रशासन अपने मूल दायित्वों से भटक गया है और राजस्व वसूली जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की अनदेखी कर रहा है।
श्री पिल्ले ने आगे कहा कि निगम द्वारा वार्डों में शिविर लगाकर अनावश्यक खर्च बढ़ाया जा रहा है जबकि पूर्व में आयोजित शिविरों में जनता की समस्याओं का आज तक समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पिछली बार लगाए गए शिविर ही निष्फल रहे तो एक बार फिर उसी प्रक्रिया को दोहराने का क्या औचित्य है। भाजपा सरकार के निर्देश पर आयुक्त द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं और पिछली बार की तरह इस बार भी निगम कर्मचारियों को शिविरों में लगाया जा रहा है। वार्डवार कार्यक्रम भी तय कर लिया गया है। वर्तमान में निगम के कर्मचारी पहले से ही एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगे हुए हैं अब उन्हें शिविरों में तैनात कर दिया गया है जिससे निगम का नियमित कामकाज प्रभावित हो रहा है। बेहतर होता कि कर्मचारियों को उनके मूल कार्यों में लगाया जाता ताकि नगर निगम सुचारू रूप से संचालित हो सके और शहर के विकास कार्यों में गति आए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित निगम केवल दिखावे की राजनीति कर रहा है जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। संतोष पिल्लै ने यह भी याद दिलाया कि हाल ही में उन्होंने नगर निगम में बीते 10 महीनों से सामान्य सभा नहीं बुलाए जाने को लेकर भी सत्ता पक्ष को घेरा था। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार कर निगम को मनमाने ढंग से चलाया जा रहा है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने अंत में कहा कि यदि वास्तव में सुशासन की मंशा है तो निगम को पहले अपने वित्तीय हालात सुधारने, राजस्व वसूली पर ध्यान देने और लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए न कि केवल शिविर लगाकर वाहवाही लूटने की कोशिश करनी चाहिए।



