राजनांदगांव (दावा)। संस्कारधानी सहित पूरे जिले में नववर्ष 2026 का स्वागत हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण वातावरण में हुआ। पुलिस प्रशासन द्वारा निर्धारित ‘जीरो घटना-जीरो दुर्घटना’ का लक्ष्य धरातल पर पूरी तरह साकार नजर आया। जिला पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के कुशल नेतृत्व और सटीक रणनीति के कारण जिले में कहीं भी कोई अप्रिय घटना या बड़ी सडक़ दुर्घटना सामने नहीं आई।
अभेद्य सुरक्षा घेरा
600 जवानों ने संभाली कमान नववर्ष के जश्न को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए थे। सुरक्षा व्यवस्था में 09 राजपत्रित अधिकारी, 20 निरीक्षक और लगभग 600 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। पूरे जिले को विभिन्न सेक्टरों में बांटकर चौबीसों घंटे निगरानी की गई। नेशनल हाईवे को 4 सेक्टरों में विभाजित कर 60 जवानों की विशेष टीम ने यातायात व्यवस्था संभाली। जिले के 08 नाकाबंदी पॉइंट्स और 16 फिक्स्ड चेकिंग पॉइंट्स के माध्यम से संदिग्धों की धरपकड़ की गई।
तकनीक का पहरा
ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर नजर भीड़भाड़ वाले इलाकों, पिकनिक स्पॉट्स और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस ने ड्रोन कैमरों का उपयोग किया। इसके जरिए हुड़दंगियों और संदिग्ध गतिविधियों पर आसमान से नजर रखी गई। होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट्स की सघन जांच की गई और संचालकों को सीसीटीवी सक्रिय रखने के सख्त निर्देश दिए गए। मंगटा क्षेत्र में विशेष निगरानी हेतु 24 घंटे के लिए मोबाइल चेक पोस्ट स्थापित की गई थी।
यातायात नियमों पर सख्ती
123 प्रकरण दर्ज सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त रवैया अपनाया। 31 दिसंबर की रात मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 123 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें शराब पीकर वाहन चलाने वाले 10 चालक शामिल हैं। ब्लैक फिल्म, ओवरस्पीडिंग और हुड़दंग करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई। आपात स्थिति के लिए ‘फस्र्ट-एड’ और ‘सीपीआर’ ट्रेनिंग किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाया। जिला अस्पताल के समन्वय से 50 पुलिस कर्मियों को सीपीआर और फस्र्ट-एड का विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। पेट्रोलिंग वाहनों में प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध कराई गई थी ताकि जरूरत पडऩे पर तत्काल मदद दी जा सके। डोंगरगढ़ और पिकनिक स्पॉट्स पर विशेष बल 1 जनवरी को डोंगरगढ़ मंदिर, मंगटा और अन्य पिकनिक स्पॉट्स पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात रहा। डोंगरगढ़ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष पुलिस सहायता केंद्र बनाए गए। एसपी सुश्री अंकिता शर्मा ने इस सफल अभियान का श्रेय अपनी टीम की मेहनत और आम नागरिकों के सहयोग को दिया है।



