राजनांदगांव-खैरागढ़ मार्ग पर 88 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क के निर्माण में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। कि नियमों का उल्लंघन करते हुए सड़क के बीच में खड़े पेड़ों को हटाए बिना ही निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ों को स्थानांतरित करने के बजाय, ठेकेदार ने उनके चारों ओर ही डामर बिछा दिया है। रात के समय ये पेड़ स्पष्ट दिखाई नहीं देते, जिससे बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है। मुरम के बजाय बजरी डालने का आरोप
खपरी खुर्द के पूर्व सरपंच अमीन खान और स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क का आधार (बेस) तैयार करने के लिए मुरम के बजाय सीधे काली मिट्टी पर जीरा बजरी डाली जा रही है। उनका कहना है कि इस तरह बनी सड़क पहली बारिश में ही धंस सकती है।
18 महीने में 34 KM सड़क बनेगी
यह सड़क निर्माण परियोजना ठेकेदार को 18 महीने की समय सीमा में 34 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा करना है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। यहां न तो रेडियम बोर्ड लगाए गए हैं और न ही कोई संकेतक। पानी का छिड़काव न होने के कारण उड़ने वाली धूल से वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है, जिससे दृश्यता कम होने पर दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है।


