Home छत्तीसगढ़ मौसम के बदलाव के साथ प्रकृति में संक्रमण काल, शहर के चौक-चौराहों...

मौसम के बदलाव के साथ प्रकृति में संक्रमण काल, शहर के चौक-चौराहों पर सजीं रंग-पिचकारियों की दुकानें…

18
0

राजनांदगांव (दावा)। बसंत पंचमी मनाई जाने के साथ ही एक माह तक चलने वाला मदन महोत्सव शुरू हो गया। चौक-चौराहों में अरंड का वृक्ष गाड़ कर इसके इर्द-गिर्द लकडय़िां रचना शुरू कर दिए गए हैं। आज से 7 वें दिन बाद होलिका दहन किया जाएगा व इसके ठीक दूसरे दिन रंगो पर्व होली धूमधाम से मनाई जाएगी। होली त्योहार से 8 दिन पहले यानि 23 फरवरी को होलाष्टक लग जाने से शुभ एवं मांगलिक कार्यों में विराम लग गया है। अभी इस कार्य में घुलेंडी से लेकर व रंग- पंचमी व आगे गुड़ी पड़वा तक विराम लगा रहेगा। चैत्र नवरात्रि प्रारंभ होते ही शुभ एवं मांगलिक कार्य होना फिर से शुरू हो जाएगा।

शुभ एवं मांगलिक कार्य वर्जित
शहर के युवा ज्योतिष दिवाकर बाजपेई ने बताया कि होलाष्टक का विज्ञान प्रकृति और मौसम के बदलाव के साथ जुड़ा हुआ है। सर्दी से गर्मी की ओर जाने वाले मौसम में वातावरण में बैक्टीरिया वायरस अधिक सक्रिय होते हैं। वहीं इस मौसम में सूर्य की पराबैंगनी किरणें शरीर में विपरीत प्रभाव डालती है। अत: इसे अशुभ समय माना गया है और शुभ एवं मांगलिक कार्यों को विराम दे कर भक्ति जप- तप, व्रत व दान पुण्य के कार्य को महत्व दिया जाता हैं। उन्होंने बताया कि फाल्गुन मास के सप्तमी युक्त अष्टमी से प्रारंभ हो कर पूर्णिमा तक चलने वाली इस होलाष्टक अवधि में शादी-व्याह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन संस्कार,जमीन वाहन की खरीदी-बिक्री, नया व्यवसाय या निर्माण कार्य जैसे सभी मांगलिक कार्य पर वर्जना की गई है। अत: होलाष्टक अवधि में शुभ एवं मांगलिक कार्य टाला जाना ही श्रेयस्कर है। तंत्र क्रिया के लिए यह समय साधना और सिद्धी का काल माना जाता है। इसलिए इस समय भक्ति जप-तप व्रत और दान-पूण्य के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

शहर में सजी रंग -गुलाल एवं पिचकारियां की दुकानें
रंगो का पर्व नजदीक आते ही शहर के विभिन्न चौक-चौराहों में रंग – गुलाल की दुकानें सज गई है। शहर का मुख्य मार्केट गोल बाजार से लेकर महावीर चौक, मानव मंदिर चौक, गुड़ाखू लाइन, आजाद चौक आदि जगहों में रंग-गुलाल की खरीदी करने लोग जुटने लगे हैं। छोटे व्यापारी रंग-गुलाल पिचकारियों के थोक विक्रेताओं से अधिक से अधिक खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। रंग-गुलाल व पिचकारियों के थोक व्यापारियों की मानें तो इस बार भी रंगों का पर्व के लिए हर्बल गुलाल से लेकर बच्चों के लिए म्यूजिकल गन व फैंसी कैरेक्टर सुपर मेन से लेकर अन्य प्रकार की पिचकारियां, मुखौटे आदि सहित विभिन्न रंगों वाली आकर्षक नकली बाल टोपियां आदि मंगवाई गई है। इसके साथ ही हाइपर गुब्बारे, होली थीम सहित अन्य आकर्षक सामान अधिक से अधिक मंगाए गए हैं।बाजार में रंग-गुलाल पिचकारियो की खरीदी के लिए लोगों चहल-पहल बढऩे लगी है। व्यापारियों की मानें तो होलाष्टक के साथ ही होली पर्व का माहौल बनने लगता है। रंगों का पर्व होली में करोड़ों की व्यवसाय होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here