समोदा गांव के फार्महाउस में करोड़ों की अफीम फसल बरामद; तीन आरोपी पुलिस रिमांड पर, जिले के सभी फॉर्महाउस की जांच के आदेश
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी विकास विश्नोई ने अफीम की खेती का तरीका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म YouTube पर वीडियो देखकर सीखा था। उसके मोबाइल फोन की हिस्ट्री में अफीम उगाने से लेकर उसे तैयार करने और खपाने तक से जुड़े सैकड़ों वीडियो मिले हैं।
मामला दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के समोदा गांव का है, जहां पुलिस ने एक फार्महाउस से बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा किया था। पूछताछ में आरोपी विकास विश्नोई ने स्वीकार किया है कि उसने यहां अफीम की खेती की थी और करीब 150 ग्राम अफीम दुर्ग से अपने गांव राजस्थान भी ले गया था।
इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, विकास विश्नोई और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब उनसे इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी विकास विश्नोई पिछले लगभग छह वर्षों से दुर्ग में रह रहा था। वह विनायक ताम्रकार के फार्महाउस में अपनी पत्नी के साथ रहता था। तीन मार्च को खेत में लगी अफीम की फसल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपी ने अपनी पत्नी को दुर्ग से राजस्थान भेज दिया था।
घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले के सभी फॉर्महाउस की जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्र के फॉर्महाउस की जांच कर रिपोर्ट सीधे जिला प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस कार्रवाई के दौरान फार्महाउस से बड़ी मात्रा में सामग्री भी जब्त की गई है। इसमें दो ट्रैक्टर, दो जेसीबी मशीन, एक हार्वेस्टर, दो मोटरसाइकिल, सात बोरी डोडा, कृषि उपकरण, मोटर पंप और स्प्रिंकलर सिस्टम शामिल हैं। खेत की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।
पुलिस के अनुसार, समोदा और झेनझरी गांव के बीच स्थित फार्महाउस में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी। यहां से करीब 14 लाख 30 हजार पौधे बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने पूरी फसल को नष्ट कर दिया है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि खेत में काम करने के लिए राजस्थान से मजदूर बुलाए गए थे और सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे। फार्महाउस के चारों ओर गेट लगाए गए थे, जिससे आम लोगों का अंदर जाना मुश्किल था। डिजिटल सर्वे रिकॉर्ड में इस जमीन पर गेहूं और मक्का की खेती दर्ज थी, जबकि उसी की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को एक बड़े नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है और प्रशासन ने भी अवैध खेती पर सख्त निगरानी की बात कही है।


