Deployment of Central Forces in Chhattisgarh: भारत सरकार ने देश से नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की समय सीमा 31 मार्च 2026 तय की है और अब इसमें 20 दिन से कम समय बचा है. इस बीच छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने बताया है कि ज्य में सशस्त्र नक्सलवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की गई है और यह प्रक्रिया ट्रैक पर चल रही ही. बता दें कि पिछले महीने छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे के दौरान भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस लक्ष्य को दोहराया था और बताया था कि सुरक्षा बलों के ऑपरेशनों से नक्सली पूरी तरह बैकफुट पर हैं.
कब होगी छत्तीसगढ़ से केंद्रीय बलों की वापसी?
विजय शर्मा ने विधानसभा में अपने विभाग की बजट अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए बताया किबस्तर क्षेत्र में तैनात अधिकांश केंद्रीय बलों को 31 मार्च 2027 तक वापस बुला लिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘सेंटर से गाइडेंस है कि जब 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म हो जाए, तो सेंट्रल फोर्स को 31 मार्च 2027 तक टारगेट के तौर पर वापस आ जाना चाहिए, ताकि लोकल सिक्योरिटी फोर्स उनका काम संभाल सकें और इलाके को मैनेज कर सकें.’
विधानसभा में विजय शर्मा ने बताया, ‘मैं सदन को यह भी बताना चाहता हूं कि जब 31 मार्च 2026 को सशस्त्र नक्सलवाद के समापन की तिथि तय की गई, तब यह भी निर्णय लिया गया था कि 31 मार्च 2027 तक यहां तैनात केंद्रीय बलों की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. कुछ बल उससे पहले भी वापस जा सकते हैं. बैठकों में इस बात पर सहमति बनी है कि 31 मार्च 2027 को हम एक निश्चित समय सीमा मानकर चलें, हालांकि इसमें थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है.’
सेंट्रल फोर्सेस की वापसी के बाद क्या है प्लान?
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आगे बताया कि केंद्रीय बलों की वापसी के बाद लोकल सिक्योरिटी फोर्सेस उनका काम संभालेंगे और इलाके को मैनेज करेंगे. इसके लिए नए थानों की व्यवस्था सोची है. नए लोगों की भर्तियां की जा रही हैं, ताकि हमारे स्थानीय बल अपना काम संभाल सकें. उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने पुलिस विभाग के मुख्य बजट में कुल 7,721.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. नक्सल प्रभावित जिलों में 15 नए थानों की स्थापना की जा रही और इसके लिए 975 नए पद सृजित किए जाएंगे. इसके साथ ही 8 पुलिस चौकियों को थानों में उन्नत करने के लिए 337 नए पद स्वीकृत किए गए हैं. वहीं कम बल स्वीकृत वाले 21 थानों में अतिरिक्त बल बढ़ाने के लिए 870 नए पदों का प्रावधान किया गया है.
108 माओवादी करेंगे आत्मसमर्पण
नक्सलवाद के खात्मे की तारीख जैसे-जैसे पास आ रही है, माओवादियों पूरी तरह बैकफुट आ गए हैं. इस बीच जगदलपुर माओवादी संगठन को तगड़ा झटका लगा है. जगदलपुर में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के कुल 108 माओवादी अब आत्मसमर्पण करेंगे. पूना मारगेम कार्यक्रम के तहत माओवादियों की मुख्यधारा में वापसी होगी. पुलिस अधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों के समक्ष माओवादी अपने हथियार डालेंगे. फोर्स ने नक्सल विरोधी अभियानों के तहत अब तक की सबसे बड़ी डंप बरामद की है.


