ओव्हर स्पीडिंग को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी ?
डोंगरगाँव (दावा)। नगर से गुजरने वाले स्टेट हाइवे इन दिनों खूनी सडक़ में तब्दील हो गया है. आए दिन होने वाले सडक़ दुर्घटनाओं से नगरवासी और राहगीर थर्राए हुए हैं व भय में हैं. इधर नए नवेले बने घटिया सडक़ ने पहले कई जानें ली है और यह सिलसिला बदस्तूर जारी है. वहीं अब नवयुवकों की महंगे बाइक का शौक और ओवर स्पीडिंग काल बनी हुई है. शनिवार करीब साढ़े 3 बजे खराब सडक़ और तेज रफ्तार बाइक ने नगर के यादव परिवार एक एकलौते चिराग को लील लिया. इधर घटना के बाद नगरवासियों में चर्चा आम है कि कमीशन के चक्कर में ठेकेदार और जनप्रतिनिधियों ने सडक़ की दुर्दशा कर रखी है. वहीं प्रशासन को अनेक बार मौखिक और खबरों के माध्यम से चेताया गया कि बाइक की तेज रफ्तार लोगों की जान ले रही है, बावजूद इसके कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई.
बात दें कि शनिवार को 19 वर्षीय डोमन पिता मोहन यादव निवासी सिनेमा लाइन डोंगरगांव से एबीस कंपनी जहां वह ऑपरेटर पद पर कार्यरत था, के लिए अपनी नई सोल्ड बाईक से निकला था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऑटोमोबाइल दुकान के सामने रोड खराब होने के चलते बाइक लहराई और बाइक तेज रफ्तार में होने के कारण वह बाईक पर से नियंत्रण खो बैठा और लहराते हुए 3 फीट चौड़े नाली को जम्प कर न्यू योगेश दोसा सेंटर के सामने लगे ट्रांसफार्मर खंभे से जा टकराया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक की स्पीड तेज होने के कारण टकराने से काफी तेज आवाज से सभी मौके पर पहुंचे तब तक इस युवक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी. परिजनों ने बताया कि एक माह पूर्व ही यामाहा की स्पीड बाइक डोमन ने जिद्द करके लिया था और इसी बाईक से एबीस कंपनी काम पर जाता था.
हेलमेट से बच सकती थी जान
दुपहिया वाहन चालकों में हेलमेट को लेकर जनजागृति नहीं आई है और अधिकांश दुर्घटनाओं में सिर पर चोट लगने से निश्चित मौत होती हैं. बता दें कि शहर के हेलमेट संगवारी सहित अन्य संस्थाओं के अलावा पुलिस व्दारा भी नि:शुल्क हेलमेट का वितरण कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाता रहा है किन्तु सडक़ पर चलने वाले राहगीरों को हेलमेट नहीं पहनने की आदत खतरे में डाल रही है. वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन ने बाईक चालक सहित पीछे बैठने वाले सवारियों को भी हेलमेट लगाना अनिवार्य कर दिया है किन्तु इसका पालन फिलहाल कोई नहीं कर रहा है.



