राजनांदगांव (दावा)। सोशल मीडिया के जरिए नाबालिगों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका शोषण करने वालों के खिलाफ न्यायालय ने एक कड़ा संदेश दिया है। लालबाग थाना क्षेत्र की एक नाबालिग को इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क कर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी सेम कुमार जोसेफ को विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
पूरा मामला : सोशल मीडिया से शुरू हुई थी पहचान
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी सेम कुमार जोसेफ (20 वर्ष), निवासी ग्राम भाठापारा (उतई, दुर्ग) की पहचान पीड़िता से इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। बातचीत का सिलसिला बढऩे पर अप्रैल 2022 में आरोपी ने पीड़िताको अपने जन्मदिन पर घर बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ पहली बार दुष्कर्म किया। इसके बाद वह लगातार नाबालिग का दैहिक शोषण करता रहा।
नदी किनारे से किया था अपहरण
सितंबर 2022 में जब नाबालिग अपने परिजनों के साथ पितृ विसर्जन के लिए गांव की नदी पर गई थी, तब आरोपी वहां पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर भाग गया। आरोपी पीडि़ता को दुर्ग, चेवई और फिर अपने घर ले गया। जब वह पीडि़ता को शहडोल ले जाने की फिराक में था, तभी लालबाग पुलिस ने उसे धर दबोचा और नाबालिग को बरामद किया। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट पॉक्सो) अनिल कुमार बारा ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए पॉक्सो एक्ट (धारा 6) 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड, धारा 376 (3) भादंवि 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड, धारा 366 भादंवि 02 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड से आरोपी को दोषी करार दिया।



