प्रयास में पकड़ा जाना सजग कानून व्यवस्था का प्रशंसनीय उदाहरण
राजनांदगॉव । पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण के प्रयास के बाद सुकुलदैहान पहुंचकर श्रीमती यादव से सहानुभूति जताना, उनका मनोबल बढ़ाना तो निश्चित रूप से प्रशंसनीय और प्रेरणादायी है किन्तु उनसे मुलाकात की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के कांग्रेसियों के प्रयास की महिला मोर्चा उपाध्यक्ष पारूल जैन ने कड़ी आलोचना की है। प्रदेश सरकार सहित स्थानीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष, डॉ. रमन सिंह के महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध होने का उल्लेख करते हुए पुलिस प्रशासन की सजगता की प्रशंसा करना छोड़ आए दिन कांग्रेसी ना जाने किस टेंडर की बात करते हैं, जबकि श्रीमती फूलबासन यादव ने ही आज तक किसी टेंडर के विषय में कोई चर्चा नहीं की है। गत् दिनों कांग्रेसियों ने घोषणा की है कि महिलाओं के घरों में जाकर समस्याएं सुनेंगे तो उन्हें मेरी सलाह है कि शुरूआत वे दिसम्बर 2018 की तारीख से करें, जब महिला उत्पीड़न का छत्तीसगढ़ में उदय हुआ। रही बात कानून व्यवस्था की तो पहली बात तो यह है कि उनके अपहरण के प्रयास को कानून व्यवस्था के कारण ही विफल किया गया। दूसरी बात राजनांदगंाव सहित छत्तीसगढ़ में फर्जी और झूठे आंकड़ों से सिर्फ आलाकमान से नंबर जुटाए जा सकते हैं, आम जनता का विश्वास नहीं।
अंत में महिला मोर्चा उपाध्यक्ष ने कांग्रेसियों को सुझाव दिया कि सुकुलदैहान पहुंचकर श्रीमती यादव और उनके परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त करें, उनका मनोबल बढ़ाए और महिला सशक्तिकरण के उनके प्रयास में हिस्सेदार बने न कि वहां पहुंचकर अपनी राजनीति की दुकान खोलकर बैठ जाएं, बल्कि उन्हें पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हुए भ्रष्टाचार, कटमनी, रंगदारी, अपहरण, आत्महत्या, नशा व्यवसाय से विष्णुदेव जी की सरकार के स्वच्छ प्रशासन की तुलना ना कर अपने पुराने पाप धोने के प्रायश्चित करें।



