राजनांदगांव | एक तरफ जहां देश शहीद और मृत जवानों के सम्मान में नतमस्तक रहता है, वहीं रिश्तों को कलंकित करने वाला एक सनसनीखेज मामला राजनांदगांव से सामने आया है। थाना बसंतपुर पुलिस ने एसएसबी (SSB) के मृत जवान के वृद्ध माता-पिता से 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी रिश्ते में मृतक जवान का साडू भाई है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी का पुत्र वरुण कुमार साहू (32 वर्ष) सीमा सुरक्षा बल (SSB) में पदस्थ था। सितंबर 2025 में एक सड़क दुर्घटना में उसकी असामयिक मृत्यु हो गई थी। जवान की मृत्यु के बाद विभाग द्वारा मिलने वाली सहायता राशि के रूप में मृतक के पिता के खाते में 10 लाख और उनकी पत्नी के खाते में 19.25 लाख रुपये जमा हुए थे।
इसी बीच, परिवार के ही सदस्य और मृतक के साडू भाई योगराज साहू की नीयत डोल गई। उसने बुजुर्ग माता-पिता को झांसा दिया कि विभाग के बड़े अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों को “मैनेज” करने के लिए पैसों की जरूरत है।
विश्वास में लेकर हड़पे पैसे
आरोपी योगराज साहू बुजुर्ग दंपत्ति को बैंक ले गया और उनके खातों से 15 लाख रुपये निकलवा लिए। अधिकारियों को पैसे देने का झांसा देकर उसने 11 लाख रुपये अपने पास रख लिए और केवल 4 लाख रुपये ही वापस किए। जब वृद्ध दंपत्ति को धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उन्होंने थाना बसंतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजनांदगांव एसपी सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया।
तकनीकी साक्ष्य: आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और सायबर सेल की मदद से पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
बरामदगी: आरोपी के पास से 1 लाख रुपये नगद बरामद किए गए हैं। शेष राशि के संबंध में पूछताछ जारी है।
अपराध: आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
नाम: योगराज साहू (45 वर्ष)
निवासी: ग्राम बिटाल (थाना गैंदाटोला), वर्तमान पता: सृष्टि कॉलोनी, राजनांदगांव।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस त्वरित कार्रवाई में बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू, उप निरीक्षक देवा दास भारती, प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल, महिला प्रधान आरक्षक मेनका साहू, सीमा जैन और आरक्षक अतहर अली व जामिंद्र वर्मा की मुख्य भूमिका रही।
पुलिस की अपील: किसी भी विभागीय कार्य या बैंक संबंधी सहायता के लिए अनजान या लालची व्यक्तियों के झांसे में न आएं। किसी भी संदेह की स्थिति में सीधे संबंधित विभाग या पुलिस से संपर्क करें।



