राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के तहत नवगठित नगर पंचायत घुमका के आम निर्वाचन के परिणाम घोषित हो गए हैं। इस चुनाव में बेहद दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला है, जहां मतदाताओं ने अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस पर भरोसा जताया, वहीं परिषद में भाजपा को एकतरफा और स्पष्ट बहुमत सौंप दिया है।
85 वोटों से जीतीं फूलमती वर्मा, बनीं पहली अध्यक्ष नगर पंचायत घुमका के इतिहास में पहली अध्यक्ष बनने का गौरव कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा को हासिल हुआ है। उन्होंने कड़े मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वी को 85 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। कांग्रेस की इस जीत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जनसभा, पूर्व विधायक भुवनेश्वर बघेल की सक्रियता और स्थानीय विधायक हर्षित बघेल की जमीनी रणनीति को बेहद अहम माना जा रहा है।

दिग्गजों की फौज भी नहीं दिला सकी भाजपा को अध्यक्ष पद यह चुनाव भाजपा के लिए साख का सवाल बना हुआ था। पार्टी ने अध्यक्ष पद की सीट जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। चुनाव प्रचार कमान खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और पूर्व महापौर मधुसूदन यादव जैसे बड़े चेहरों ने संभाली थी। हालांकि, दिग्गजों के इस धुआंधार प्रचार के बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने में नाकाम रही।
पार्षद चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत अध्यक्ष पद हाथ से फिसलने के बावजूद भाजपा ने वार्ड पार्षदों के चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए एकतरफा बहुमत हासिल किया है। 15 वार्डों वाली इस नगर पंचायत में मतदाताओं ने अधिकांश सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों को चुना है। सीटों की स्थिति इस प्रकार है:
भाजपा: 10 सीटें
कांग्रेस: 04 सीटें
निर्दलीय: 01 सीट
भविष्य के समीकरण: तालमेल बिठाना होगी बड़ी चुनौती इस अनूठे चुनाव परिणाम ने घुमका नगर पंचायत में एक दिलचस्प राजनीतिक समीकरण पैदा कर दिया है। नगर पंचायत की कमान भले ही कांग्रेस की अध्यक्ष फूलमती वर्मा के हाथों में होगी, लेकिन परिषद में भाजपा के 10 पार्षदों का भारी बहुमत रहेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में घुमका के विकास कार्यों, बजट प्रस्तावों को मंजूरी देने और अलग-अलग विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को भाजपाई बहुमत का सहयोग लेना होगा। ऐसे में दोनों दलों के बीच का तालमेल ही घुमका के भविष्य की दिशा तय करेगा।



