शिक्षक कॉलोनी स्थित निवास को सुरक्षा घेरे में लेकर कागजात खंगाल रहे अधिकारी, सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय ने कसी कमान
राजनांदगांव (दावा)। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार सुबह ईडी की एक विशेष टीम ने राजनांदगांव के शिक्षक कॉलोनी स्थित तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर के निवास पर अचानक छापा मारा। उल्लेखनीय है कि ललित गणवीर इस बहुचर्चित घोटाले के मामले में पहले से ही न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद हैं। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब आठ अधिकारियों का ईडी दल दो इनोवा वाहनों में सवार होकर गणवीर के राजनांदगांव स्थित आवास पर पहुंचा। टीम ने पहुंचते ही पूरे परिसर को अपनी सुरक्षा घेरे में ले लिया और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी। इसके तुरंत बाद अधिकारियों ने घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों, बैंक खातों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी।
सीबीआई की जांच में हुआ था कथित धांधली का खुलासा
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह गंभीर आरोप सामने आए हैं कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित की गई राज्य सेवा परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भाई-भतीजावाद हुआ था। एजेंसियों के मुताबिक, तत्कालीन पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के कथित निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने मिलकर एक बड़े उद्योगपति श्रवण गोयल को मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले ही लीक कर उपलब्ध करा दिए थे। इस कथित धांधली के एवज में उद्योगपति के बेटे और बहू का चयन सीधे डिप्टी कलेक्टर के शीर्ष पद पर हो गया था। इसके अतिरिक्त, तत्कालीन अध्यक्ष सोनवानी के सगे भतीजों को भी इसी तरह नियमों को ताक पर रखकर डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी जैसे उच्च पदों पर नियुक्तियां दी गई थीं।
डिजिटल रिकॉर्ड और संपत्तियों की पड़ताल जारी
वर्तमान में राजनांदगांव स्थित आवास पर ईडी के आला अधिकारियों द्वारा गहन पूछताछ और कागजी पड़ताल की जा रही है। घर से मिले लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा को भी रिकवर किया जा रहा है ताकि वित्तीय लेन-देन के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इस छापामार कार्रवाई को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान या जब्ती सूची जारी नहीं की है। राज्य के इस सबसे बड़े भर्ती घोटाले में ईडी की एंट्री के बाद अब आने वाले दिनों में कई और बड़े चेहरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।



