प्रमुख जिलों में बदले गए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी
रायपुर(दावा)। शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक कसावट लाने और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग द्वारा एक साथ 28 अधिकारियों के स्थानांतरण (तबादला) आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ), विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ), सहायक संचालकों एवं प्राचार्यों को विभिन्न जिलों और कार्यालयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक लागू रहेगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव द्वारा जारी स्थानांतरण सूची के अनुसार महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर , कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर, नारायणपुर और बालोद सहित अनेक जिलों में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं की गई हैं। इसके साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय, संयुक्त संचालक कार्यालयों तथा अन्य प्रशासनिक इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।
जारी सूची के तहत प्रशासनिक फेरबदल के कुछ मुख्य नाम इस प्रकार हैं… बी.एल. देवांगन- प्रभारी उपसंचालक (लोक शिक्षण संचालनालय) से अब प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, महासमुंद बनाए गए हैं। हिमांशु भारतीय- प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (रायपुर) से अब प्रभारी उपसंचालक (लोक शिक्षण संचालनालय) के पद पर भेजे गए हैं। एम.जी. सतीश कुमार- सहायक संचालक से पदोन्नत कर अब प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रमेश्वर जायसवाल- बिलासपुर में विजय कुमार ताण्डे के स्थान पर अब प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर नियुक्त किए गए हैं।
इसी प्रकार मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में भी नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। कई विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं सहायक संचालकों को पदोन्नत दायित्व सौंपते हुए जिला स्तर की जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को संचालनालय और संभागीय कार्यालयों में स्थानांतरित किया गया है।
विभागीय कार्यों में गति लाने के लिए उठाया कदम – शिक्षा मंत्री
इस बड़े प्रशासनिक बदलाव को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में यह प्रशासनिक पुनर्संरचना विभागीय कार्यों में गति लाने, शैक्षणिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिलों में प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। इस आदेश के बाद राज्य के शिक्षा प्रशासन में व्यापक स्तर पर सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।


