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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग से मिलेगा मार्गदर्शन – डॉ. रमन सिंह…

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० विधानसभा अध्यक्ष ने इस नवाचार के लिए पुलिस विभाग की पूरी टीम को दी बधाई
० कोटवारों का गांवों की सुरक्षा एवं सूचना तंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान
० सडक़ दुर्घटनाओं में घायलों की मदद कर उनकी जान बचाना संवेदनशीलता की मिसाल
० विधानसभा अध्यक्ष ने अपराध मुक्त ग्रामों, कोटवारों एवं यातायात मित्रों का किया सम्मान

राजनांदगांव (दावा)। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज पुलिस लाइन राजनांदगांव में आयोजित पहल कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए स्थापित नि:शुल्क पहल अध्ययन कक्ष का शुभारंभ किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव पुलिस द्वारा समाज से सीधे जुडऩे और जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई पहल एक अभिनव और प्रेरणादायी प्रयास है। उन्होंने युवाओं के लिए पुलिस लाइन में नि:शुल्क अध्ययन कक्ष, कोचिंग सुविधा एवं मेंटरशिप कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि नव नियुक्त निरीक्षक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे, जिससे उन्हें अपने लक्ष्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पुस्तक वितरण एवं अध्ययन संसाधनों की उपलब्धता से युवाओं को लाभ मिलेगा तथा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इस पहल से जोड़ा जाएगा। उन्होंने इस नवाचार के लिए पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों में भी अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में अपराध मुक्त ग्रामों के प्रतिनिधियों, कोटवारों एवं यातायात मित्रों का सम्मान किया तथा उनके नाम से पौधरोपण भी किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले के 164 ग्रामों द्वारा वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 के दौरान अपराध मुक्त रहने का उदाहरण प्रस्तुत करना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह सफलता केवल पुलिस विभाग की नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों एवं प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अपराध मुक्त ग्रामों के नाम से किया गया वृक्षारोपण एक सकारात्मक संदेश देता है तथा भविष्य में और अधिक ग्राम इस दिशा में आगे आएं, इसके लिए प्रयास किए जाने चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सडक़ दुर्घटनाओं में घायलों की मदद कर उनकी जान बचाने वाले नागरिकों तथा यातायात मित्रों का सम्मान समाज में सेवा और संवेदनशीलता की भावना को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कोटवारों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों की सुरक्षा एवं सूचना तंत्र को मजबूत बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारत की प्राचीन ग्राम व्यवस्था में कोटवार और सरपंच जैसी व्यवस्थाएं सदियों से सामाजिक सुरक्षा एवं सुशासन की आधारशिला रही हैं।
सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि राजनांदगांव पुलिस द्वारा युवाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग एवं रीडिंग रूम की सुविधा उपलब्ध कराना एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। उन्होंने कोटवारों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि गांवों में शासन की योजनाओं एवं सूचनाओं को लोगों तक पहुंचाने, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा प्रशासन को सहयोग देने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। सांसद श्री पाण्डेय ने अपराध मुक्त ग्रामों, यातायात मित्रों एवं कोटवारों के सम्मान को सकारात्मक पहल बताते हुए इसके लिए पुलिस विभाग को बधाई दी। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने कहा कि राजनांदगांव पुलिस द्वारा शुरू की गई यह पहल केवल विद्यार्थियों के लिए कोचिंग एवं अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस और समाज के बीच विश्वास एवं सकारात्मक संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अपराध मुक्त ग्रामों, कोटवारों एवं यातायात मित्रों के सम्मान को सामाजिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। ऐसे प्रयास समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देते है।

पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव ने कहा कि पहल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनाकर ही सामाजिक विकास को गति दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए शुरू किए गए पहल रीडिंग रूम, कोचिंग एवं मेंटरशिप कार्यक्रम को प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने कहा कि पहल कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक दिशा, बेहतर अध्ययन वातावरण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि पुलिस लाइन में स्थापित पहल रीडिंग रूम, नि:शुल्क कोचिंग एवं मेंटरशिप कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोटवारों, अपराध मुक्त ग्रामों एवं यातायात मित्रों के सहयोग से समाज में सुरक्षा, जागरूकता और जनसहभागिता को मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव पुलिस कानून-व्यवस्था, सडक़ सुरक्षा एवं अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में लगातार प्रभावी कार्य कर रही है।

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