करोड़ों के ओवरब्रिज के नीचे लाखों की लागत से बने पुल के टूटने पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल
डोंगरगढ़ (दावा)। बोरतलाव रेलवे ओवरब्रिज के नीचे से गांधीनगर जाने वाले मार्ग पर स्थित नवनिर्मित पुल पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया है। हाल ही में लाखों रुपए की लागत से तैयार किए गए इस पुल के टूट जाने से समूचे क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पुलिया धंसने के कारण मार्ग में आवागमन तो बाधित हुआ ही है। साथ ही गांधीनगर के कई हिस्सों और स्थानीय शासकीय स्कूल के आसपास जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। इससे स्कूली बच्चों से लेकर आम नागरिकों को दैनिक कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पहली बारिश ने खोली पोल, निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल
ग्रामवासियों का कहना है कि इस पुल का निर्माण कार्य अभी हाल ही में पूरा किया गया था। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी पहली ही मानसूनी बारिश के झटके को यह पुल झेल नहीं सका और अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना से निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि ठेकेदार और तकनीकी अधिकारियों द्वारा कार्य की मॉनिटरिंग सही तरीके से की जाती, तो यह नौबत नहीं आती।
सडक़ों पर भरा पानी, घुटने भर कीचड़ से गुजर रहे स्कूली बच्चे
एलबी नगर मंडल महामंत्री व युवा भाजपा नेता उपकार सिंह बघेल ने वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि पुल के क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील होने से बारिश का पानी सुचारु रूप से आगे नहीं निकल पा रहा है। जल निकासी अवरुद्ध होने के कारण पूरा पानी गांधीनगर मुख्य मार्ग और स्कूल के सामने जमा हो रहा है। इसके चलते स्कूल आने-जाने वाले नन्हे विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा राहगीरों को गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
प्रशासन सुधरे, वरना बारिश में टापू बन जाएगा गांधीनगर
स्थानीय नागरिकों और भाजपा नेता उपकार सिंह बघेल ने संबंधित निर्माण एजेंसी और लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुल की तत्काल युद्धस्तर पर मरम्मत कराई जाए। साथ ही पानी निकासी के लिए वैकल्पिक और सुदृढ़ व्यवस्था दुरुस्त की जाए ताकि बारिश के इस मौसम में आम नागरिकों को राहत मिल सके। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो आगामी तेज बारिश के दौरान स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है और गांधीनगर का संपर्क पूरी तरह कट सकता है।



