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बारिश से बसंतपुर मंडी में भीगा करोड़ों का धान, किसान और व्यापारी परेशान…

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नाली सफाई न होने से लबालब भरा पानी; सुरक्षित शेड में रखा है जला बारदाना, असुरक्षित पड़ा रहा अन्नदाताओं का अनाज

राजनांदगांव (दावा)। शनिवार को शहर सहित जिले भर में हुई मूसलाधार बारिश ने जहां एक ओर पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। वहीं दूसरी ओर बसंतपुर स्थित गंज मंडी परिसर में भी भारी जलभराव हो गया। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण मंडी परिसर में लबालब पानी भर गया। जिससे वहां खुले में रखा किसानों व व्यापारियों का हजारों क्विंटल धान पानी में डूब गया। इस लापरवाही से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

निचले हिस्से में भरा पानी, 2000 कट्टा धान डूबा
मंडी के व्यापारियों, आढ़तियों और श्रमिकों के अनुसार परिसर में स्थित नाले-नालियों की नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण पहली ही तेज बारिश में पूरा परिसर तालाब बन जाता है। शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते मंडी के निचले हिस्से (छोटे प्लॉट) में रखा लगभग 1500 से 2000 कट्टा धान पूरी तरह भीग गया। हैरानी की बात यह है कि इस निचले हिस्से की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव पास करके उच्च स्तर पर भेजा जा चुका है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण इस पर अब तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है।

लापरवाही : शेड में सुरक्षित रखा जला बारदाना, धान को छोड़ा बेसहारा
मंडी प्रबंधन के दावों की पोल खोलते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि इस भारी नुकसान को आसानी से टाला जा सकता था। मंडी के सुरक्षित शेड के भीतर किसी ट्रक का लगभग 3000 कट्टा जला हुआ बारदाना अनावश्यक रूप से भरकर रखा गया है। अधिकारियों ने उस बेमतलब के जले बारदाने को तो सुरक्षित छत मुहैया करा दी, लेकिन अन्नदाताओं और व्यापारियों के कीमती धान को खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया गया। यदि इस जले बारदाने की जगह किसानों का धान शेड में रखवाया जाता, तो लाखों का नुकसान होने से बच जाता।मंडी परिसर में जलभराव होने से केवल किसान ही नहीं, बल्कि आसपास के रिहायशी इलाकों के लोग भी त्रस्त हैं। मंडी से पानी की निकासी का रुख निजी कॉलोनियों की तरफ होने के कारण नाले-नालियों का गंदा पानी और सड़े हुए अनाज का बदबूदार पानी सीधे लोगों के घरों और कॉलोनियों में प्रवेश कर रहा है। जिससे स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है।

दो दिन बाद उतरा पानी, खरीदी कार्य ठप
शनिवार को हुए जलभराव का पानी दो दिनों की मशक्कत के बाद सोमवार को उतर पाया। पानी कम होने के बाद मंडी में थोड़ी चहल-पहल तो जरूर लौटी है, लेकिन जलभराव और भारी नुकसान को देखते हुए फिलहाल किसानों ने मंडी में धान लाना बंद कर दिया है। अनाज की आवक न होने से मंडी में खरीदी का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।

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