छत्तीसगढ़ सरकार ने बुधवार तड़के बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 8 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) तथा 19 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के तहत नगर निगमों, जिला पंचायतों, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA), राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों में नई नियुक्तियां की गई हैं।
सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनसेवा-केंद्रित बनाना माना जा रहा है। नए अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद विभिन्न जिलों और विभागों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
IAS अधिकारियों के प्रमुख तबादले

रिमीजियूस एक्का को राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (अतिरिक्त प्रभार) बनाया गया। सुरुचि सिंह को नगर निगम भिलाई का नया आयुक्त नियुक्त किया गया। प्रतीक जैन एवं गजेंद्र सिंह ठाकुर को कोरबा जिला पंचायत से संबंधित नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। जयंत नाहटा को जिला पंचायत धमतरी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बनाया गया। एम. भार्गव को जिला पंचायत दंतेवाड़ा का CEO नियुक्त किया गया। तन्मय खन्ना को जिला पंचायत बस्तर का CEO बनाया गया। दुर्गा प्रसाद अधिकारी को जिला पंचायत राजनांदगांव का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया। गजेंद्र सिंह ठाकुर को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में उप सचिव का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया।
राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों में भी बड़ा फेरबदल
राज्य प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। प्रमुख नियुक्तियों में— अरुण कुमार वर्मा को नगर निगम धमतरी का आयुक्त बनाया गया। जी. आर. मरकाम को नगर निगम राजनांदगांव का नया आयुक्त नियुक्त किया गया। विजेंद्र सिंह को नगर निगम चिरमिरी का आयुक्त बनाया गया। शशांक पांडे को छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन का अतिरिक्त प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया। इंद्रजीत बर्मन को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं में अपर संचालक की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा अन्य अधिकारियों की भी विभिन्न जिला पंचायतों, विभागों एवं नगरीय निकायों में नई पदस्थापनाएं की गई हैं।
विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
प्रशासनिक हलकों में इस जंबो तबादला सूची को सरकार की बड़ी प्रशासनिक कवायद माना जा रहा है। नई पदस्थापनाओं के बाद नगर निगमों, जिला पंचायतों, स्वास्थ्य, राजस्व, शहरी विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े विभागों में कार्यों की गति तेज होने तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की उम्मीद की जा रही है। अधिकारियों के जल्द ही नए पदस्थापन स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने की संभावना है।



