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छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा फैसला…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश में एनालॉग पनीर (Analog Paneer) की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री का कड़ा रुख

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि छत्तीसगढ़ में अब एनालॉग पनीर या किसी भी तरह के सिंथेटिक और मिलावटी पनीर की बिक्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लगातार मिल रही थीं शिकायतें और ताबड़तोड़ छापेमारी

नकली पनीर का कारोबार: पिछले कुछ समय से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में नकली और मिलावटी पनीर की सप्लाई की लगातार शिकायतें मिल रही थीं।

विपक्ष का मुद्दा: इस गंभीर मुद्दे को राजनीतिक दलों (विशेषकर कांग्रेस) ने भी प्रमुखता से उठाया था।

खाद्य विभाग की कार्रवाई: शिकायतों के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) विभाग द्वारा प्रदेशभर में लगातार छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत भारी मात्रा में मिलावटी व खतरनाक केमिकल से बने पनीर को जब्त कर नष्ट किया गया है।

क्या है एनालॉग पनीर और क्यों है खतरनाक?

कैसे बनता है: एनालॉग पनीर एक प्रकार का सिंथेटिक या नकली उत्पाद है, जिसे असली दूध के बजाय मुख्य रूप से वनस्पति तेल (पाम ऑयल), स्टार्च, स्किम मिल्क पाउडर और अन्य केमिकल्स से तैयार किया जाता है।

पहचान में मुश्किल: यह दिखने और स्वाद में बिल्कुल असली पनीर जैसा ही प्रतीत होता है, लेकिन यह पोषक तत्वों से पूरी तरह रहित होता है।

स्वास्थ्य पर असर: इस तरह के मिलावटी और असलम क्वालिटी के उत्पादों का सेवन करने से लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद घातक और विपरीत प्रभाव पड़ते हैं।

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