डॉ. नवनीत जैन बोले– संत रविदास के विचार आज भी समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी शक्ति
छुईखदान। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर छुईखदान नगर के स्वीपर मोहल्ला, वार्ड क्रमांक 13 स्थित पूज्य गुरु रविदास मंदिर में भव्य 650 दीपोत्सव का आयोजन किया गया। समाज के प्रमुखजनों, मातृशक्ति, युवाओं एवं वार्डवासियों ने मिलकर संपूर्ण मंदिर परिसर को 650 दीपों से आलोकित किया। दीपों की मनमोहक छटा, गुरु रविदास जी की आरती, भजन-कीर्तन एवं प्रसादी वितरण ने पूरे वातावरण को भक्ति, आस्था और सामाजिक समरसता के रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नवनीत जैन जिला भाजपा महामंत्री एवं जिला संयोजक – समरसता संकल्प अभियान ने अपने संबोधन में कहा कि संत गुरु रविदास जी का जीवन समता, सद्भाव, सेवा और सामाजिक न्याय का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी के विचार आज भी समाज को एकसूत्र में जोड़ने, भेदभाव मिटाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
जिला रविदास समाज के अध्यक्ष रघुबन राडेकर ने सभी को 650वीं जयंती की शुभकामनाएं देते हुए संत गुरु रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया तथा इस सफल आयोजन के लिए छुईखदान भाजपा परिवार एवं सभी समाजजनों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का सफल संयोजन रौशन चंद्राकर महामंत्री, बलराम जंघेल एवं कामेश गात्रे जिला कोषाध्यक्ष, रविदास समाज के.सी.जी. एवं जिला विधि प्रमुख, युवा मोर्चा ने किया।
इस अवसर पर भाजपा जिलामंत्री ज्ञान यादव, एल्डरमैन राजू उइके, अशोक मोहबे कार्यकारिणी सदस्य, जिला रविदास समाज, जयपाल गात्रे ब्लॉक अध्यक्ष, रविदास समाज, छुईखदान शुभम विश्वास, महावीर सांखला, मुनु भोंडेकर, राजू मोहबेकर, गणेश मोहबेकर, संदीप बौरे, शैलेंद्र बौरे, राजेश भोंडेकर, राकेश भोंडेकर, आत्मा भोंडेकर, शिशुपाल गात्रे, मनजीत गात्रे, कारण मोहबेकर, अरुण मोहबेकर, राहुल मोहबेकर, महेश भोंडेकर, भावेश गात्रे, सुरुज बाई मोहबेकर, पार्वती मोहबेकर, बिमला गात्रे, भारती गात्रे, खुशी गात्रे, पदमा मोहबेकर, मुन्नी बाई भोंडेकर, ममता बौरे, लक्ष्मण मोहबेकर, ओमेश गात्रे, डिम्पल गात्रे, सावित्री गात्रे, रमैया भोंडेकर, साधना भोंडेकर, आर्यन मेश्राम, लोकेश मेश्राम, सरस्वती निषाद सहित बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा साथी एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रसादी ग्रहण की। आयोजन ने सामाजिक समरसता, भाईचारे और एकता का संदेश देते हुए संत गुरु रविदास जी के अमर वचन “मन चंगा तो कठौती में गंगा” को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।



